Narendra Modi biography in Hindi की बात करें तो यह कहानी गुजरात के एक छोटे से कस्बे वडनगर से शुरू होकर देश के सबसे ताक़तवर पद तक पहुँचती है। 17 सितंबर 1950 को जन्मे नरेंद्र दामोदरदास मोदी सितंबर 2026 में 76 वर्ष के हो गए हैं और लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री हैं। RSS के प्रचारक से भाजपा के संगठनकर्ता, फिर गुजरात के मुख्यमंत्री और अब देश के 14वें प्रधानमंत्री तक—इस पूरे सफर को यहाँ शुरू से आख़िर तक, तारीख़ों और तथ्यों के साथ समझिए।
नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय एक नज़र में
| पूरा नाम | नरेंद्र दामोदरदास मोदी |
| जन्म | 17 सितंबर 1950, वडनगर, मेहसाणा (गुजरात) |
| उम्र (सितंबर 2026) | 76 वर्ष |
| माता-पिता | हीराबेन और दामोदरदास मूलचंद मोदी |
| पत्नी | जशोदाबेन (लंबे समय से अलग) |
| शिक्षा | राजनीति विज्ञान में बी.ए. और एम.ए. (दूरस्थ शिक्षा, हलफ़नामे के अनुसार) |
| राजनीतिक दल | भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
| संसदीय क्षेत्र | वाराणसी (उत्तर प्रदेश) |
| गुजरात के मुख्यमंत्री | 7 अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक |
| प्रधानमंत्री | 26 मई 2014 से (तीसरा कार्यकाल जून 2024 से) |
जन्म और परिवार
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की आधिकारिक जीवनी के अनुसार नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाणा ज़िले के वडनगर में हुआ। उनके पिता दामोदरदास मूलचंद मोदी और माता हीराबेन थीं। वे छह भाई-बहनों में तीसरे हैं। आज़ादी के बाद जन्म लेने वाले वे देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। माँ हीराबेन का दिसंबर 2022 में निधन हुआ और उनका अंतिम संस्कार गांधीनगर में हुआ।
बचपन और शिक्षा

परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण थी। मोदी कई मौकों पर बता चुके हैं कि बचपन में वे पिता के साथ वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने में हाथ बँटाते थे। 2014 के चुनाव प्रचार में यही किस्सा ‘चाय पे चर्चा’ अभियान का आधार बना। स्कूल की पढ़ाई उन्होंने वडनगर में की, जहाँ वे वाद-विवाद और नाटकों में हिस्सा लेने वाले छात्र के रूप में जाने जाते हैं।
चुनावी हलफ़नामों में दर्ज ब्योरे के अनुसार उन्होंने बाद में दूरस्थ शिक्षा के ज़रिये दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एम.ए. किया। इन डिग्रियों को लेकर विपक्ष ने समय-समय पर सवाल उठाए और मामला RTI व अदालतों तक पहुँचा, जबकि भाजपा और संबंधित विश्वविद्यालय डिग्रियों को वैध बताते रहे हैं।
शादी और घर छोड़ना
कम उम्र में परिवार की तय की हुई शादी जशोदाबेन से हुई, लेकिन वे जल्दी ही अलग हो गए। 2014 के लोकसभा चुनाव के हलफ़नामे में उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से जशोदाबेन को अपनी पत्नी के रूप में दर्ज किया। किशोरावस्था के अंत में वे घर छोड़कर देश के अलग-अलग हिस्सों में घूमे; उनकी जीवनी में रामकृष्ण मिशन (बेलूर मठ) और हिमालय क्षेत्र की यात्राओं का ज़िक्र मिलता है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उन पर गहरा प्रभाव माना जाता है।
RSS से जुड़ाव और आपातकाल
बताया जाता है कि आठ साल की उम्र में ही वे वडनगर की RSS शाखा से जुड़ गए थे। अहमदाबाद में लक्ष्मणराव इनामदार (‘वकील साहब’) उनके मार्गदर्शक रहे। 1970 के दशक की शुरुआत में वे पूर्णकालिक प्रचारक बने। 25 जून 1975 को आपातकाल लगा तो मोदी ने भूमिगत रहकर विरोध आंदोलन में भूमिका निभाई; इसी दौर पर उन्होंने गुजराती में ‘संघर्ष मा गुजरात’ किताब लिखी।
भाजपा में राजनीतिक सफर (1987–2001)
1985 में RSS ने उन्हें भाजपा में भेजा और 1987 में वे गुजरात भाजपा के संगठन महासचिव बने। 1995 के विधानसभा चुनाव में गुजरात में भाजपा की पहली बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनने में उनकी संगठनात्मक भूमिका अहम मानी जाती है। इसके बाद वे राष्ट्रीय सचिव और 1998 में राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बने। 1991-92 की एकता यात्रा (कन्याकुमारी से श्रीनगर) के आयोजन में भी उनकी बड़ी भूमिका रही, जिसका नेतृत्व मुरली मनोहर जोशी ने किया था।
गुजरात के मुख्यमंत्री (2001–2014)
केशुभाई पटेल के इस्तीफे के बाद 7 अक्टूबर 2001 को मोदी ने पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। तब तक वे कभी विधायक नहीं रहे थे; फरवरी 2002 में राजकोट-II उपचुनाव जीतकर वे विधानसभा पहुँचे। इसके बाद 2002, 2007 और 2012 में भाजपा ने उनके नेतृत्व में लगातार जीत दर्ज की और वे मई 2014 तक पद पर रहे।
‘गुजरात मॉडल’ क्या था
समर्थक इस दौर को बिजली, सड़क और निवेश के मोर्चे पर बड़े बदलाव का समय बताते हैं। वाइब्रेंट गुजरात समिट (2003 से), ज्योतिग्राम योजना, GIFT सिटी की परिकल्पना और 2008 में टाटा नैनो प्लांट का सानंद आना इसके उदाहरण गिनाए जाते हैं। वहीं आलोचक कहते हैं कि कुपोषण और सामाजिक सूचकांकों में राज्य उतनी तेज़ी से आगे नहीं बढ़ा।
2002 का गोधरा कांड और दंगे
27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के डिब्बे में आग लगने से 59 लोगों की मौत हुई। इसके बाद गुजरात में बड़े पैमाने पर दंगे भड़के, जिनमें सरकारी आँकड़ों के अनुसार एक हज़ार से अधिक लोगों की जान गई। यह मोदी के कार्यकाल का सबसे विवादित अध्याय रहा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT ने उन्हें क्लीन चिट दी और जून 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने ज़किया जाफ़री की याचिका खारिज कर दी, जबकि आलोचक और कुछ पीड़ित संगठन तत्कालीन प्रशासन की भूमिका पर आज भी सवाल उठाते हैं।
2014: प्रधानमंत्री उम्मीदवार से प्रधानमंत्री तक

13 सितंबर 2013 को भाजपा ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया। ‘अबकी बार मोदी सरकार’, ‘अच्छे दिन’ और 3D रैलियों के साथ चला अभियान 2014 में भाजपा को 282 सीटों तक ले गया; NDA को 336 सीटें मिलीं और कांग्रेस 44 पर सिमट गई। मोदी ने वाराणसी और वडोदरा दोनों सीटों से जीत हासिल की, बाद में वडोदरा छोड़ दी और 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
पहला कार्यकाल (2014–2019)
- जन धन योजना (अगस्त 2014): करोड़ों लोगों के बैंक खाते खुले।
- मेक इन इंडिया और स्वच्छ भारत (सितंबर-अक्टूबर 2014) और रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की शुरुआत।
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को मान्यता दी, 2015 में पहली बार मनाया गया।
- उज्ज्वला योजना (2016): गरीब परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन।
- नोटबंदी (8 नवंबर 2016): 500 और 1000 रुपये के नोट बंद हुए।
- GST (1 जुलाई 2017): ‘एक देश, एक टैक्स’ की व्यवस्था लागू।
- सर्जिकल स्ट्राइक (2016) और बालाकोट एयर स्ट्राइक (2019) उरी और पुलवामा हमलों के बाद की सैन्य कार्रवाइयाँ रहीं।
- आयुष्मान भारत (2018) और सरदार पटेल की ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का उद्घाटन (31 अक्टूबर 2018)।
दूसरा कार्यकाल (2019–2024)
2019 में भाजपा ने 303 सीटें जीतीं और NDA को 353 सीटें मिलीं; मोदी ने 30 मई 2019 को दोबारा शपथ ली। इस कार्यकाल में 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाया गया और जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन हुआ, तीन तलाक़ को अपराध घोषित किया गया और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पारित हुआ, जिस पर देशभर में विरोध-प्रदर्शन हुए।
2020 में कोविड-19 महामारी आई। सरकार ने लॉकडाउन लगाया और जनवरी 2021 से दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियानों में से एक चलाया; लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मज़दूरों की परेशानी पर आलोचना भी हुई। सितंबर 2020 में लाए गए तीन कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ किसान आंदोलन चला और नवंबर 2021 में सरकार ने उन्हें वापस ले लिया।
अन्य बड़े पड़ाव: नए संसद भवन का उद्घाटन (28 मई 2023, विपक्ष के कई दलों ने बहिष्कार किया), अगस्त 2023 में चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग, सितंबर 2023 में नई दिल्ली G20 शिखर सम्मेलन और महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) का पारित होना। 22 जनवरी 2024 को अयोध्या के राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में वे मुख्य यजमान रहे।
तीसरा कार्यकाल (2024 से अब तक)
2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 240 सीटों पर रही और अकेले बहुमत (272) से पीछे रह गई, लेकिन NDA को 293 सीटें मिलीं। TDP और JD(U) जैसे सहयोगियों के समर्थन से 9 जून 2024 को मोदी ने तीसरी बार शपथ ली। जवाहरलाल नेहरू के बाद वे लगातार तीन जनादेश जीतने वाले दूसरे प्रधानमंत्री हैं। वाराणसी से उन्होंने करीब डेढ़ लाख वोटों से जीत दर्ज की।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद 7 मई 2025 को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया। सितंबर 2025 में GST दरों का बड़ा पुनर्गठन हुआ। सरकार 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने का लक्ष्य दोहराती रही है, जबकि विपक्ष महँगाई, बेरोज़गारी और संस्थाओं की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरता है। लाल किले से प्रधानमंत्री के संबोधन की ताज़ा झलक के लिए हमारा स्वतंत्रता दिवस 2026 कवरेज पढ़ें।
विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय सम्मान
‘नेबरहुड फर्स्ट’, ‘एक्ट ईस्ट’ और क्वाड जैसी पहलों के साथ मोदी ने विदेश नीति में सक्रिय कूटनीति अपनाई। भारत की अध्यक्षता में हुए G20 सम्मेलन में अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्यता मिली। चीन के साथ 2020 की गलवान झड़प के बाद संबंधों में तनाव रहा और हाल के वर्षों में बातचीत की कोशिशें तेज़ हुईं; इसी कड़ी में BRICS 2026 में मोदी-शी जिनपिंग मुलाकात की रिपोर्ट भी देखें।
मोदी को दो दर्जन से अधिक देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें UAE का ऑर्डर ऑफ ज़ायद (2019), भूटान का ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो (2024) और नाइजीरिया का GCON (2024) शामिल हैं। 2018 में उन्हें संयुक्त राष्ट्र का ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ और सियोल शांति पुरस्कार भी मिला।
लेखक और निजी जीवन
मोदी ने ‘संघर्ष मा गुजरात’, ‘एग्ज़ाम वॉरियर्स’ (2018) और गुजराती कविता संग्रह ‘आँख आ धन्य छे’ जैसी किताबें लिखी हैं। वे शाकाहारी हैं, योग को दिनचर्या का हिस्सा बताते हैं और सोशल मीडिया पर दुनिया के सबसे ज़्यादा फॉलो किए जाने वाले नेताओं में गिने जाते हैं। उनके X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर 10 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं।

आलोचनाएँ और विवाद: दूसरा पक्ष
किसी भी Narendra Modi biography में संतुलन ज़रूरी है। समर्थक कल्याणकारी योजनाओं की डिलीवरी, डिजिटल इंडिया-UPI, बुनियादी ढाँचे और वैश्विक कद को उपलब्धि मानते हैं। दूसरी ओर आलोचक इन मुद्दों पर सवाल उठाते हैं:
- नोटबंदी: सरकार ने इसे काले धन और डिजिटलीकरण की दिशा में कदम बताया, जबकि विपक्ष का कहना है कि इससे असंगठित क्षेत्र को चोट पहुँची और उद्देश्य पूरे नहीं हुए।
- कृषि कानून: भारी विरोध के बाद वापस लेने पड़े।
- मणिपुर हिंसा (2023): विपक्ष ने केंद्र की भूमिका और प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए।
- बेरोज़गारी और महँगाई: विपक्ष इन्हें बड़े मुद्दे के रूप में उठाता है, सरकार रोज़गार सृजन के अपने आँकड़े पेश करती है।
- इलेक्टोरल बॉन्ड: फरवरी 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने इस योजना को असंवैधानिक ठहराया।
76वाँ जन्मदिन और 25 साल का सफर (2026)
17 सितंबर 2026 को मोदी 76 साल के हुए। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने जन्मदिन की शुरुआत नई दिल्ली के यशोभूमि में SEMICON India 2026 के उद्घाटन के साथ की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कई मुख्यमंत्रियों ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं। 7 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके लगातार 25 साल पूरे होंगे।
Narendra Modi Biography FAQ
नरेंद्र मोदी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
17 सितंबर 1950 को वडनगर (मेहसाणा, गुजरात) में।
नरेंद्र मोदी की उम्र कितनी है?
सितंबर 2026 में वे 76 वर्ष के हो गए हैं।
मोदी कितनी बार प्रधानमंत्री बने हैं?
तीन बार: 26 मई 2014, 30 मई 2019 और 9 जून 2024 को शपथ ली।
मोदी कितने साल गुजरात के मुख्यमंत्री रहे?
7 अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक, यानी 12 साल से अधिक।
मोदी किस सीट से सांसद हैं?
वे उत्तर प्रदेश की वाराणसी लोकसभा सीट से सांसद हैं।
युवाओं के लिए: सरकारी नौकरी और भर्ती अपडेट
अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो भर्ती की सही जानकारी आधिकारिक पोर्टलों से ही लें: UPSC, SSC और रोज़गार सेवाओं के लिए नेशनल करियर सर्विस पोर्टल। नई भर्तियों और परिणामों की अपडेट के लिए UpdateTimes.in से जुड़े रहिए।
स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की आधिकारिक जीवनी, चुनाव आयोग के परिणाम, और 2026 जन्मदिन कवरेज (Open Magazine, The Sunday Guardian)। तस्वीरें प्रतीकात्मक हैं।
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