
Nepal Flood News नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास रसुवा और नुवाकोट जिलों में हिमालय के ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर त्रिशूली नदी में समा गया, जिससे अचानक आई बाढ़ ने कई गांवों, बाजारों और पुलों को पूरी तरह बहा दिया। नेपाल पुलिस के मुताबिक अब तक मरने वालों की संख्या 165 के पार पहुंच चुकी है, वहीं करीब 1,500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
क्या है बाढ़ की वजह?
शुरुआती रिपोर्ट्स में जमीन के भीतर भूकंप जैसी हलचल की बात कही गई थी, लेकिन अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण एजेंसी (USGS) के मुताबिक यह हलचल दरअसल हिमालयी ग्लेशियर के टूटने और मलबे के तेज बहाव से पैदा हुई सिस्मिक एनर्जी थी। सैटेलाइट तस्वीरों के शुरुआती अध्ययन में भी ग्लेशियर के हिस्से के टूटने और नदी में गिरने की पुष्टि हुई है। इस हादसे में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई भारतीय तीर्थयात्री भी लापता बताए जा रहे हैं।
भारत सरकार ने क्या मदद भेजी?
भारत सरकार ने आपदा की खबर मिलते ही तुरंत राहत सामग्री भेजनी शुरू कर दी। भारतीय वायुसेना के C-130J विमान से करीब 10 टन मानवीय सहायता (HADR) और जरूरी दवाइयां नेपाल भेजी गईं, जिनमें अस्थायी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खुद इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की और कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ खड़ा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी शोक जताते हुए कहा कि नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही बेहद दुखद है और भारत सरकार राहत कार्यों में हरसंभव मदद कर रही है। उन्होंने बताया कि नेपाल से सटे बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से भी सीमावर्ती इलाकों में असर को लेकर बात की गई है और NDRF की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
आगे C-17 और अतिरिक्त C-130 विमानों से और राहत सामग्री भेजी जा रही है, साथ ही रेस्क्यू और एयरलिफ्ट ऑपरेशन के लिए हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं। भारतीय दूतावास, काठमांडू लगातार नेपाल सरकार के संपर्क में है और लापता भारतीय नागरिकों की तलाश में मदद कर रहा है।
अब तक कितनी मौतें, कितने लापता?
- मृतकों की संख्या: 165 से ज्यादा (लगातार बढ़ रही है)
- लापता लोग: करीब 1,500, जिनमें सैकड़ों विदेशी नागरिक शामिल
- रेस्क्यू टीम: नेपाल आर्मी, पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 5,000 से ज्यादा जवान राहत कार्य में जुटे
- एक ही दिन में बचाए गए लोग: 125 से ज्यादा, जिनमें 20 विदेशी नागरिक शामिल
इस हादसे से जुड़ी भारत में हाल में आई असम बाढ़ जैसी घटनाओं ने भी यह दिखाया है कि हिमालयी क्षेत्र में मौसम में हो रहे बदलाव कितने खतरनाक साबित हो रहे हैं। इससे पहले IMD ने भी कई राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया था।
ज्यादा जानकारी के लिए आप ABC News की लाइव रिपोर्ट और CNN की कवरेज भी देख सकते हैं।
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