सोशल मीडिया पर व्यंग्य के तौर पर शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक बार फिर सुर्खियों में है। संस्थापक अभिजीत दीपके ने 19 सितंबर को वर्धा में निर्वाचन आयोग और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आइए जानते हैं कि यह संगठन क्या है और ताजा विवाद क्या है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) क्या है?
विकिपीडिया और CNN जैसी रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी एक युवा-केंद्रित व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है, जिसे 16 मई 2026 को राजनीतिक कम्युनिकेशन रणनीतिकार अभिजीत दीपके ने ऑनलाइन लॉन्च किया था। CNN के अनुसार यह कोई औपचारिक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि बेरोजगारी और राजनीतिक व्यवस्था से नाराज युवाओं के लिए एक मंच है। पार्टी का नाम सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नाम पर किया गया व्यंग्य बताया जाता है।
CJP की शुरुआत कैसे हुई?
रिपोर्ट्स के अनुसार, 15 मई 2026 को एक अदालती सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेरोजगार युवाओं को लेकर की गई टिप्पणी में “कॉकरोच” शब्द का इस्तेमाल हुआ। बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनका इशारा फर्जी डिग्री हासिल करने वालों की ओर था। इसके बावजूद टिप्पणी की व्यापक आलोचना हुई और अगले ही दिन दीपके ने इसके जवाब में व्यंग्य के तौर पर CJP बना दी। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ ही दिनों में इसके इंस्टाग्राम पर एक करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए। अल जजीरा के अनुसार, सांसद महुआ मोइत्रा और पूर्व सांसद कीर्ति आजाद जैसे नेताओं ने भी इससे जुड़ने की बात कही थी।
अब CJP का दावा: चुनावी दल नहीं, प्रेशर ग्रुप
अगस्त में ETV भारत की रिपोर्ट के अनुसार अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP एक प्रेशर ग्रुप के तौर पर काम करेगी। उनका कहना है कि उनका इरादा चुनावी राजनीतिक दल बनाने का नहीं है। उन्होंने देशभर में लोगों की राय जानने के लिए सितंबर में ‘क्या बोलती पब्लिक’ जनसंपर्क अभियान शुरू करने की भी घोषणा की थी।
MPSC पेपर लीक विवाद में CJP की एंट्री
14 सितंबर के आसपास आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और ऑनलाइन परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थी MPSC के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने छत्रपति संभाजीनगर में दीपके के घर जाकर उनसे मुलाकात की, जिसके बाद CJP ने इस आंदोलन में समर्थन देने का ऐलान किया। खबरों में यह भी बताया गया है कि दीपके ने मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े मनोज जरांगे से भी मुलाकात की और सरकार से बातचीत की अपील की।
19 सितंबर को वर्धा में क्या बोले अभिजीत दीपके?
UNI वार्ता की रिपोर्ट के अनुसार, दीपके ने वर्धा दौरे में निर्वाचन आयोग और MPSC पर चुनावी प्रक्रिया व भर्ती प्रणाली में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें BJP की चुनावी जीत में कथित मदद के बदले मंत्री पद या राज्यसभा नामांकन मिलना चाहिए। ये सभी दीपके के आरोप और बयान हैं। इन पर निर्वाचन आयोग, BJP या संबंधित संस्थाओं का पक्ष सामने आने का इंतजार है।
CJP पर उठे सवाल: AAP से जुड़ाव के आरोप
दूसरी तरफ, RSS से जुड़ी पत्रिका पांचजन्य की 13 सितंबर की एक रिपोर्ट में CJP पर आम आदमी पार्टी (AAP) से राजनीतिक जुड़ाव के आरोप लगाए गए हैं और संगठन की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए गए हैं। यह अभी आरोप के स्तर पर है। इस पर CJP का पक्ष अलग हो सकता है, जबकि इसके समर्थक इसे युवाओं की आवाज मानते हैं।
आगे क्या?
CJP का आगे का रास्ता इस पर निर्भर करेगा कि MPSC आंदोलन किस दिशा में जाता है और ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान से संगठन को कितना जनसमर्थन मिलता है। साथ ही यह भी देखना होगा कि व्यंग्य से शुरू हुआ यह मंच जमीनी आंदोलन में कितना बदल पाता है।
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नोट: इस खबर में शामिल बयान संबंधित व्यक्तियों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। अपुष्ट दावों को आरोप के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
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