नाना पाटेकर का परिवार: पत्नी, बच्चे और अकेले रहने की पूरी कहानी

🔄 8 October 2026 ⏱ 1 मिनट में पढ़ें 👁 41 views
नाना पाटेकर का परिवार: पत्नी, बच्चे और अकेले रहने की पूरी कहानी

Nana Patekar’s family 8 अक्टूबर 2026 को भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। गोवा स्थित उनके घर पर उन्हें गंभीर हालत में पाया गया। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। शुरुआती चिकित्सा जानकारी के अनुसार उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने भी निधन की पुष्टि की।

नाना पाटेकर ने फिल्मों में जितनी मजबूत पहचान बनाई, उनकी निजी जिंदगी उतनी ही शांत और निजी रही। खासकर उनकी पत्नी, बच्चों और परिवार को लेकर लोग अक्सर सवाल करते रहे हैं।

कौन थीं नाना पाटेकर की पत्नी?

नाना पाटेकर की पत्नी का नाम नीलकांती पाटेकर (Neelakanti Patekar) था। दोनों की मुलाकात मराठी थिएटर के दिनों में हुई थी और बाद में दोनों ने शादी कर ली। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनकी शादी 1978 में हुई थी।

नीलकांती खुद भी कला और फिल्म जगत से जुड़ी रही हैं। उन्होंने अभिनय के साथ-साथ लेखन और थिएटर में भी काम किया। हाल के वर्षों में उन्हें फिल्म ‘छावा’ में भी देखा गया था।

क्या नाना पाटेकर के बच्चे थे?

जी हां, नाना पाटेकर के दो बेटे थे।

उनके बड़े बेटे का नाम दुर्वासा (Durvasa) बताया जाता है। दुर्भाग्य से उनका निधन महज ढाई साल की उम्र में हो गया था। रिपोर्टों के मुताबिक वह जन्म से ही कुछ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। इस घटना ने नाना पाटेकर और उनके परिवार को गहरा सदमा दिया था।

उनके दूसरे बेटे का नाम मल्हार पाटेकर है। मल्हार ने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़कर काम किया, लेकिन उन्होंने अपने पिता की तरह कैमरे के सामने स्टार बनने के बजाय काफी हद तक फिल्म निर्माण और पर्दे के पीछे के काम को चुना। वह अपने पिता के सामाजिक और परोपकारी कार्यों से भी जुड़े रहे।

नाना के निधन की खबर की पुष्टि भी उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने की। 8 अक्टूबर को परिवार के सदस्य गोवा पहुंचे।

फिर नाना पाटेकर अकेले क्यों रहते थे?

यह नाना पाटेकर की निजी जिंदगी का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला पहलू रहा है।

नाना और नीलकांती शादीशुदा थे, लेकिन दोनों कई वर्षों से अलग-अलग रह रहे थे। महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों का तलाक नहीं हुआ था। यानी कानूनी रूप से वे पति-पत्नी ही रहे।

एक पुराने इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने अपने रिश्ते के बारे में बताया था कि समय के साथ दोनों के बीच कुछ ऐसे मतभेद पैदा हुए, जिनके कारण वे अलग रहने लगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि दोनों के बीच विवाह संबंध खत्म नहीं हुआ था, लेकिन उन्होंने अलग-अलग रहने का फैसला किया।

इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि नाना किसी एक खास घटना के कारण अकेले रहने लगे थे। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार उनके अलग रहने की वजह वर्षों के आपसी मतभेद और अलग जीवन जीने का निर्णय था।

नीलकांती और मल्हार के साथ परिवार की स्थिति

नाना पाटेकर ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि नीलकांती, उनके बेटे मल्हार और उनकी मां साथ रहते थे, जबकि वह खुद अलग रहते थे। नाना ने यह भी स्वीकार किया था कि उनकी पत्नी ने उनके शुरुआती संघर्ष के दिनों में उनका बहुत साथ दिया था।

उन्होंने पत्नी के योगदान को याद करते हुए कहा था कि उनकी पत्नी के सहयोग की वजह से वह अपने अभिनय करियर पर ध्यान दे सके।

इससे यह भी पता चलता है कि अलग रहने के बावजूद परिवार के बीच संबंध पूरी तरह टूटे हुए नहीं थे।

बेटे की मौत का दर्द नाना कभी नहीं भूल पाए

नाना पाटेकर की जिंदगी का सबसे बड़ा व्यक्तिगत दुख उनके बड़े बेटे दुर्वासा की मौत थी।

दुर्वासा का जन्म कुछ शारीरिक समस्याओं के साथ हुआ था और करीब ढाई वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। नाना ने वर्षों बाद एक इंटरव्यू में इस घटना के बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि बेटे की मौत के बाद वह बेहद ज्यादा धूम्रपान करने लगे थे और एक समय में करीब 60 सिगरेट प्रतिदिन तक पीते थे।

यह घटना उनके जीवन पर गहरा असर छोड़ गई थी।

नाना पाटेकर के माता-पिता और भाई

नाना पाटेकर का जन्म विश्वनाथ पाटेकर के रूप में महाराष्ट्र के रायगढ़ क्षेत्र में हुआ था। उनके पिता का नाम दीनकर पाटेकर और मां का नाम संजना बाई बताया जाता है। परिवार की आर्थिक स्थिति शुरुआती दौर में मजबूत नहीं थी। उनके दो भाई भी थे।

इन्हीं संघर्षों के बीच नाना ने थिएटर से अपना सफर शुरू किया और आगे चलकर हिंदी तथा मराठी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली अभिनेताओं में अपनी जगह बनाई।

निधन के समय उनके परिवार में कौन-कौन थे?

नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी पत्नी नीलकांती पाटेकर और बेटे मल्हार पाटेकर गोवा पहुंचे। रिपोर्टों के अनुसार परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे जहां आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई हुई।

इस तरह नाना पाटेकर के निकटतम परिवार में उनकी पत्नी नीलकांती और जीवित बेटे मल्हार प्रमुख रूप से हैं। उनके बड़े बेटे दुर्वासा का बहुत छोटी उम्र में निधन हो चुका था।

एक ऐसा अभिनेता जिसकी निजी जिंदगी हमेशा रहस्य बनी रही

नाना पाटेकर ने लगभग पांच दशक तक फिल्मों में काम किया। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘अब तक छप्पन’, ‘वेलकम’, ‘अपहरण’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।

लेकिन फिल्मों की चकाचौंध के बावजूद उन्होंने अपनी निजी जिंदगी को काफी हद तक मीडिया से दूर रखा। पत्नी से अलग रहना, बेटे दुर्वासा की असमय मौत और बेटे मल्हार का फिल्मी दुनिया से दूरी बनाकर रहना—ये सभी बातें उनके निजी जीवन को बेहद अलग बनाती हैं।

नाना पाटेकर का जीवन सिर्फ एक अभिनेता की कहानी नहीं था, बल्कि संघर्ष, परिवार, व्यक्तिगत दुख और अपनी शर्तों पर जीवन जीने की कहानी भी था।

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updatetimesin
Update Times के वरिष्ठ पत्रकार।
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