नई दिल्ली: करवा चौथ का व्रत कल, यानी गुरुवार 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। हर साल की तरह इस बार भी सोशल मीडिया पर एक सवाल खूब पूछा जा रहा है कि क्या नई दुल्हनों के लिए करवा चौथ का व्रत रखना मना है? क्या शास्त्रों में ऐसा कोई नियम है? आइए इस सवाल की सच्चाई समझते हैं।
क्या सच में नई दुल्हनों के लिए करवा चौथ मना है?
इस सवाल का सीधा जवाब है कि प्रमुख पंचांग और धार्मिक वेबसाइट्स में ऐसा कोई नियम नहीं मिलता, जो नई दुल्हनों को करवा चौथ का व्रत रखने से रोकता हो। इसके उलट, पारंपरिक तौर पर नवविवाहिताएं यह व्रत बड़े उत्साह से रखती हैं और इसे उनके वैवाहिक जीवन की एक खास शुरुआत माना जाता है। हमें किसी प्रामाणिक शास्त्रीय स्रोत में नई दुल्हन के लिए इस व्रत की मनाही का उल्लेख नहीं मिला, इसलिए इसे एक भ्रम या स्थानीय मान्यता ही माना जाना चाहिए।
फिर यह भ्रम क्यों फैलता है?
भारत में अलग-अलग राज्यों, समुदायों और परिवारों की अपनी-अपनी परंपराएं हैं। कई घरों में व्रत की शुरुआत कैसे और किस साल से होगी, इसे लेकर पारिवारिक नियम होते हैं। यही वजह है कि कहीं-कहीं लोग अलग-अलग बातें कहते हैं। इसलिए अगर आपके परिवार में कोई खास परंपरा है, तो बड़ों या किसी जानकार पंडित से सलाह लेना बेहतर रहता है।
करवा चौथ 2026: तिथि और शुभ समय
- व्रत की तारीख: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
- चतुर्थी तिथि आरंभ: 29 अक्टूबर, सुबह 01:06 बजे
- चतुर्थी तिथि समाप्त: 29 अक्टूबर, रात 10:09 बजे
- चंद्रोदय: हर शहर में अलग-अलग समय पर होता है, इसलिए अपने शहर का चंद्रोदय समय जरूर देख लें
ध्यान रखें
करवा चौथ का व्रत घड़ी के समय से नहीं, बल्कि चंद्रोदय के बाद खोला जाता है। इसलिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग या भरोसेमंद स्रोत से चंद्रोदय का सही समय देख लेना चाहिए।
पहली बार करवा चौथ रखने वाली दुल्हनें इन बातों का रखें ध्यान
सरगी का महत्व
परंपरा के अनुसार व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सरगी के साथ होती है, जो आमतौर पर सास अपनी बहू को देती हैं। इसमें मेवे, फल और मिठाई जैसी चीजें होती हैं, जो दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में मदद करती हैं।
पूजा, कथा और चंद्र दर्शन
शाम की पूजा में व्रत कथा सुनी जाती है। रानी वीरावती और करवा की कथाएं इस दिन प्रमुख रूप से सुनाई जाती हैं। चंद्रोदय के बाद छलनी से चंद्रमा को देखा जाता है, फिर पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोला जाता है।
आम गलतियों से बचें
- सरगी में भारी और तला-भुना खाना न खाएं, हल्का और पौष्टिक भोजन लें।
- उत्साह में दिनभर ज्यादा काम न करें, बीच-बीच में आराम करें।
- व्रत खोलने के बाद भी भारी भोजन से बचें और हल्के आहार से शुरुआत करें।
सेहत का रखें खास ध्यान
करवा चौथ का व्रत परंपरा के अनुसार निर्जला रखा जाता है। अगर किसी महिला को स्वास्थ्य से जुड़ी कोई परेशानी है या वे गर्भवती हैं, तो व्रत से पहले डॉक्टर और परिवार के बड़ों से सलाह जरूर लें। व्रत श्रद्धा और आस्था का विषय है और इसे अपनी सेहत की कीमत पर करना जरूरी नहीं है।
नोट: यह जानकारी पंचांग और धार्मिक स्रोतों पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में परंपराएं भिन्न हो सकती हैं।
स्रोत: पंचांगबोध, इंडिया CSR। धर्म और त्योहारों की ताज़ा खबरों के लिए पढ़ते रहें Update Times।
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