विशाखापत्तनम/अमरावती: बंगाल की खाड़ी में इस साल बने पहले चक्रवाती तूफान “अरनब” ने बुधवार 28 अक्टूबर की तड़के आंध्र प्रदेश और यनम के तट को पार किया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार जमीन पर आने के बाद यह बहुत भीषण चक्रवाती तूफान से कमजोर होकर भीषण चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आ गया है। हालांकि तटीय इलाकों में तेज बारिश, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति ठप होने का असर अब भी जारी है।
चक्रवात अरनब कहां टकराया और कितना ताकतवर था?
IMD के मुताबिक तूफान बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के दक्षिण-पश्चिम में तट से टकराया। लैंडफॉल से पहले मौसम विभाग ने 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं और 150 किमी/घंटा तक के झोंकों की चेतावनी दी थी। समुद्र में 1 से 1.5 मीटर तक ऊंची लहरें उठने और पूर्वी गोदावरी जिले में सबसे ज्यादा असर की आशंका जताई गई थी।
अब तक का नुकसान
- मौतें: NDRF ने आंध्र प्रदेश में तीन मौतों और 31 घरों को नुकसान की पुष्टि की है। हालांकि एक मीडिया रिपोर्ट में विशाखापत्तनम, पश्चिम गोदावरी, कोनसीमा और अनकापल्ली जिलों में सात मौतों का दावा किया गया है, इसलिए आंकड़ों में अंतर है।
- फसल: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के अनुसार करीब 70,900 हेक्टेयर में फसल को नुकसान पहुंचा है।
- निकासी: रिपोर्ट्स के अनुसार हजारों लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया। इससे पहले 27 अक्टूबर को राज्य में 84,396 लोगों को 290 चक्रवात आश्रय स्थलों में पहुंचाने की जानकारी दी गई थी।
आंध्र प्रदेश में हालात और राहत कार्य
तूफान से पहले राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर तैयारी की थी। 2,131 चक्रवात आश्रय स्थल बनाए गए, 30 हजार से ज्यादा मछली पकड़ने वाली नावें सुरक्षित लाई गईं और NDRF व SDRF की टीमें तैनात की गईं। मुख्यमंत्री नायडू ने कहा था कि प्रभावित जिलों में स्कूल बुधवार को भी बंद रहेंगे।
यनम और विशाखापत्तनम में असर
पुडुचेरी के यनम में समुद्र का जलस्तर 3 से 4 फीट बढ़ने की खबर आई, जिससे एक राहत शिविर की निचली मंजिल में पानी भर गया। विशाखापत्तनम में सैकड़ों पेड़ उखड़ने की रिपोर्ट है और कई इलाकों में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई। विशाखापत्तनम में बिजली का टूटा तार पानी में गिरने से एक बुजुर्ग की मौत की भी खबर है।
ट्रेन और उड़ानों पर असर
रेलवे ने कई ट्रेनें रद्द और कुछ का रूट बदला है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले NTES या भारतीय रेलवे की वेबसाइट पर ट्रेन की स्थिति जरूर देख लें। विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा एयरपोर्ट पर भी कई उड़ानें रद्द रहीं।
कल और आने वाले दिनों में कहां असर?
तूफान के अवशेष का असर आंध्र प्रदेश के बाहर भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग और रिपोर्ट्स के अनुसार आने वाले दिनों में इन इलाकों में चेतावनी जारी है:
इन राज्यों में बारिश की चेतावनी
- तेलंगाना: खम्मम, भद्राद्री कोठागुडेम, मुलुगु और महबूबाबाद के लिए रेड अलर्ट जारी हुआ था। वारंगल, हनमकोंडा, सूर्यापेट और नलगोंडा में 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान है।
- पश्चिम बंगाल: दक्षिण बंगाल में 29 अक्टूबर तक मध्यम बारिश और कुछ जिलों में 30 अक्टूबर तक भारी बारिश की संभावना है।
- झारखंड: 28 अक्टूबर के लिए येलो और 29 अक्टूबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ था।
- ओडिशा: कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी और एहतियातन स्कूल बंद रखे गए थे।
- नेपाल: वहां की एजेंसी ने 29 से 31 अक्टूबर के बीच अलर्ट रहने को कहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार तूफान के पश्चिमी विक्षोभ से मिलने के असर से दिल्ली-एनसीआर में भी हल्की से भारी बारिश के दौर आ सकते हैं।
आपात सहायता के लिए हेल्पलाइन
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) ने आपात सहायता के लिए ये नंबर जारी किए हैं: 112, 1070 और 1800 425 0101। लोगों से अपील है कि वे प्रशासन की सलाह मानें, गिरे हुए बिजली के तारों से दूर रहें और बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें।
नोट: हालात लगातार बदल रहे हैं, इसलिए मौतों और नुकसान के आंकड़ों में बदलाव संभव है।
स्रोत: डेली पायनियर, ओपन मैगज़ीन, डेली पायनियर लाइव अपडेट्स। मौसम और आपदा की ताज़ा खबरों के लिए पढ़ते रहें Update Times।
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