अमेरिका के मध्यावधि चुनाव (US Midterm Elections 2026) के नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। Trump midterm election result पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में ट्रंप ने कहा कि वे डेमोक्रेट्स की जीत और नए कांग्रेस बहुमत को स्वीकार करेंगे और उनके साथ काम करेंगे। हालांकि, उन्होंने हार का ठीकरा रिपब्लिकन उम्मीदवारों, तेल की कीमतों और खुद के बैलट पर न होने पर भी फोड़ा।
मंगलवार रात क्या हुआ? अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजे
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंगलवार को हुए मतदान के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल कर लिया है। कई मीडिया नेटवर्क्स ने सीनेट में भी डेमोक्रेट्स की जीत का प्रोजेक्शन जारी किया है। एनबीसी न्यूज की लाइव रिपोर्ट के मुताबिक रिपब्लिकन सीनेटर टॉम कॉटन और माइक राउंड्स अपनी सीटें बचाने में कामयाब रहे।
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इस चुनाव में महंगाई, ईरान के साथ जारी युद्ध और सरकार में भ्रष्टाचार की चिंताएं मतदाताओं की नाराजगी के बड़े कारण रहे। सीटों के अंतिम आंकड़े अभी अपडेट हो रहे हैं।
नतीजों पर ट्रंप ने क्या कहा?
डेमोक्रेट्स के साथ काम करने की बात
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि वे डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत को स्वीकार करेंगे और नए बहुमत के साथ काम करेंगे। इसे नतीजों के बाद उनकी तरफ से अपेक्षाकृत नरम प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
‘मैं बैलट पर नहीं था’
पिछले कुछ महीनों में ट्रंप मतदाताओं से बार-बार कह रहे थे कि वे यह मानकर वोट करें कि वे खुद बैलट पर हैं। लेकिन नतीजों के बाद एनबीसी न्यूज के अनुसार उन्होंने कहा, ‘मैं बैलट पर नहीं था’, और संकेत दिया कि वे इन नतीजों को अपने खिलाफ फैसला नहीं मानते। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक उन्होंने हार के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवारों और तेल की कीमतों को जिम्मेदार ठहराया और माना कि ईरान युद्ध का भी असर पड़ा।
‘मिस्टर वीटो’ की चेतावनी
चुनाव से पहले ट्रंप ने कहा था कि अगर डेमोक्रेट्स जीते तो वे ‘मिस्टर वीटो’ बन जाएंगे। सीबीएस न्यूज को दिए फोन इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘मेरे पास सबसे बड़ी ताकत है, जिसे वीटो कहते हैं।’ नतीजों के बाद भी वीटो का मुद्दा चर्चा में है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति के वीटो को पलटने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है, जो डेमोक्रेट्स के लिए आसान नहीं माना जा रहा।
एनबीसी न्यूज के मुताबिक चुनाव के बाद अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति में ट्रंप ने व्हाइट हाउस में बन रहे बॉलरूम की भी तारीफ की।
आगे क्या? जांच और महाभियोग की चर्चा
न्यूजवीक की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव से पहले रिपब्लिकन हाउस मेजॉरिटी लीडर स्टीव स्कैलिस ने अनुमान जताया था कि अगर डेमोक्रेट्स जीते तो पहले ही दिन महाभियोग की कोशिश हो सकती है। वहीं हाउस ओवरसाइट कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट रॉबर्ट गार्सिया ने संकेत दिया था कि पार्टी ट्रंप परिवार के कारोबारी हितों, एपस्टीन फाइल्स और संघीय एजेंसियों के आचरण की जांच पर ध्यान देगी। ये बयान चुनाव से पहले के हैं और अभी इन पर कोई औपचारिक फैसला सामने नहीं आया है।
रॉयटर्स के विश्लेषण के अनुसार, कांग्रेस में बहुमत बदलने के बावजूद ट्रंप के पास वीटो पावर और व्यापक कार्यकारी अधिकार बने रहेंगे, जिससे डेमोक्रेट्स के लिए बड़े कानून पास कराना मुश्किल होगा। एनबीसी न्यूज के अनुसार उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा था कि ये नतीजे 2028 में राष्ट्रपति पद की दावेदारी पर फैसला लेने में उनके लिए एक अहम आंकड़ा होंगे।
दुनिया की प्रतिक्रिया
एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने इन नतीजों को अमेरिका की ओर से शुरू किए गए युद्ध के खिलाफ जनादेश बताया और अमेरिकियों के लिए बढ़ी पेट्रोल कीमतों का भी जिक्र किया। दूसरी तरफ यूक्रेन में लोग सतर्क उम्मीद के साथ नतीजों को देख रहे हैं, इस आशा में कि ट्रंप उन पर बढ़ा दबाव कम करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव 2026 में किसे बढ़त मिली?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस में बहुमत हासिल किया है और कई नेटवर्क्स ने सीनेट में भी उसकी जीत का प्रोजेक्शन दिया है। अंतिम आंकड़े बदल सकते हैं।
क्या ट्रंप डेमोक्रेट्स के बहुमत को स्वीकार करेंगे?
वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार ट्रंप ने कहा है कि वे नतीजों को स्वीकार करेंगे और नए कांग्रेस बहुमत के साथ काम करेंगे, साथ ही वीटो पावर की बात भी दोहराई है।
वीटो को पलटने के लिए कितने वोट चाहिए?
राष्ट्रपति के वीटो को पलटने के लिए अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है।
नोट: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। चुनाव के अंतिम आंकड़े और घटनाक्रम अपडेट होने पर जानकारी बदल सकती है।
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