अस्ताना (कजाखस्तान): भारतीय कुश्ती के लिए शुक्रवार 30 अक्टूबर का दिन ऐतिहासिक रहा। हरियाणा की मनीषा भानवाला सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गईं। उन्होंने 59 किलो वर्ग के फाइनल में अमेरिका की एबिगेल नेटे को 8-6 से हराया।
फाइनल में कैसे पलटा मुकाबला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक फाइनल में मनीषा एक समय 0-6 से पीछे थीं। लेकिन उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए अंतिम पलों में लगातार अंक जुटाए और मुकाबला 8-6 से अपने नाम कर लिया। इससे पहले सेमीफाइनल में उन्होंने कजाखस्तान की अल्टिन शगायेवा को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
इतिहास में दर्ज हुई उपलब्धि
- वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत की पहली महिला गोल्ड मेडलिस्ट
- सुशील कुमार (2010, 66 किलो) के बाद सीनियर वर्ल्ड टाइटल जीतने वाली दूसरी भारतीय पहलवान
- रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय महिला कुश्ती में सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप का यह पहला गोल्ड है
- मनीषा पिछली तीन सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कोई पदक नहीं जीत सकी थीं
कौन हैं मनीषा भानवाला?
29 साल की मनीषा हरियाणा के रोहतक की रहने वाली हैं। वे 2025 की एशियाई चैंपियन रह चुकी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार 59 किलो वर्ग ओलंपिक वेट कैटेगरी में शामिल नहीं है, फिर भी यह जीत भारतीय कुश्ती के लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
भारत के खाते में कुल चार पदक
भारतीय महिला पहलवानों ने इस चैंपियनशिप में कुल चार पदक जीते। मनीषा के गोल्ड के अलावा काजल धोचक और नीलम सिरोही ने सिल्वर मेडल जीते, जबकि तनु शर्मा ने 72 किलो वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
खेल मंत्री ने दी बधाई
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने मनीषा को बधाई देते हुए इसे भारतीय कुश्ती के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मनीषा वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली महिला बनी हैं।
स्रोत: ओलंपिक्स डॉट कॉम, ANI, WION। खेल की ताज़ा खबरों के लिए पढ़ते रहें Update Times।
Leave a Reply