(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Congress protest CEC Gyanesh Kumar Lucknow मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की।
विधानसभा और CM आवास की ओर बढ़े थे कार्यकर्ता, पुलिस ने रोका
कांग्रेस कार्यकर्ता उत्तर प्रदेश विधानसभा और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के इरादे से आगे बढ़ रहे थे। लेकिन पुलिस ने करीब 200 मीटर आगे बढ़ते ही सख्त बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, वहीं वरिष्ठ नेता आराधना मिश्रा समेत कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर इको गार्डन ले गई। पूरे प्रदर्शन के दौरान लखनऊ में भारी बारिश भी होती रही, लेकिन इसके बावजूद कार्यकर्ता डटे रहे।
कांग्रेस का आरोप: निष्पक्ष चुनाव कराने में नाकाम चुनाव आयोग
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने चुनाव आयोग पर निष्पक्ष चुनाव कराने में नाकाम रहने और चुनावी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि यह प्रदर्शन तथाकथित “वोट चोरी” के मुद्दे और मतदाता सूचियों की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर उठ रहे विवाद के बीच किया गया।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कांग्रेस ने शिमला में भी इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया था, जिसमें पार्टी ने चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए थे। पार्टी ने इस मुद्दे को देशव्यापी जन अभियान के जरिए आगे बढ़ाने की बात भी कही है।
चुनाव आयुक्तों की असहमति को लेकर भी चर्चा तेज
इस प्रदर्शन के बीच एक और रिपोर्ट ने राजनीतिक बहस को और हवा दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने बीते करीब 10 महीनों में आयोग से जुड़े कुछ फैसलों पर कम से कम 14 बार लिखित असहमति दर्ज कराई है। हालांकि चुनाव आयोग की तरफ से इन मतभेदों को संस्थागत विचार-विमर्श की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है और कहा गया है कि आयोग के अंतिम फैसले हमेशा सर्वसम्मति से ही लिए गए हैं।
निष्कर्ष
लखनऊ में हुआ यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक बहस का ही एक हिस्सा है। जहां कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रही है, वहीं चुनाव आयोग अपने फैसलों को संस्थागत प्रक्रिया के तहत लिया गया बता रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी माहौल और गर्म रहने की संभावना है।
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