मध्य प्रदेश के देवास जिले के चंदाना, बिनजाना और आसपास के गांवों में कथित नकली शराब से हुई मौतों के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय राठौर सहित अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक राठौर ने AI की मदद से घर पर शराब बनाना सीखा था।
देवास में नकली शराब से कितने लोगों की मौत हुई?
स्थानीय लोगों का दावा है कि 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच चंदाना, बिनजाना और आसपास के इलाकों में कम से कम 10 लोगों की मौत नकली शराब पीने से हुई। कुछ रिपोर्ट्स में परिजनों के हवाले से यह संख्या 13 बताई गई है। वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 22 मौतों और कम से कम 40 लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने का दावा किया है। मौतों की आधिकारिक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।
शुरुआत में जिला प्रशासन ने नकली शराब से मौत के दावों को खारिज कर दिया था। पुलिस के अनुसार जांच तब शुरू हुई जब जिला अस्पताल ने 15 और 18 अक्टूबर को चंदाना गांव के दो लोगों की मौत की सूचना दी, जिन्होंने कथित तौर पर शराब पी थी। विवाद बढ़ने पर राज्य सरकार ने जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम बनाई।
नकली शराब किसने बनाई? मुख्य आरोपी अजय राठौर
पुलिस का कहना है कि अजय राठौर ने सितंबर-अक्टूबर के दौरान कई बार AI से घर पर शराब बनाने की जानकारी ली। इसके बाद उसने इंटरनेट से नंबर खोजकर इंदौर के एक सॉल्वेंट थोक विक्रेता से केमिकल मंगवाया। आरोप है कि केमिकल वाली होम-ब्रूड शराब को असली शराब में मिलाया गया, कबाड़ियों से ली गई खाली ब्रांडेड बोतलों में भरा गया और मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों में बेचा गया।
कौन-कौन गिरफ्तार, क्या केस दर्ज हुआ?
- देवास कोतवाली थाने में आबकारी अधिनियम के तहत FIR दर्ज है।
- अजय राठौर समेत अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार हैं और पुलिस पूछताछ जारी है।
- गिरफ्तार लोगों में अवैध शराब बेचने वाले और देवास-इंदौर की तीन लाइसेंसी दुकानों के मैनेजर व सेल्समैन भी शामिल हैं।
- इंदौर के कारोबारी अमन कासलीवाल (27) को केमिकल सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
अमन कासलीवाल पर क्या है आरोप, परिवार का क्या कहना है?
अमन कासलीवाल मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आनंद जैन कासलीवाल के बेटे हैं। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने मुख्य आरोपी को केमिकल सप्लाई किया। पुलिस ने अभी केमिकल का नाम नहीं बताया है और कहा है कि इसकी पहचान लैब टेस्ट के बाद ही होगी।
आनंद जैन कासलीवाल का कहना है कि उनके बेटे को फंसाया जा रहा है। उनके मुताबिक परिवार की फर्म ने 1 अक्टूबर को इनवॉइस के साथ ग्राहक को 220 लीटर पेंट थिनर बेचा था और उन्हें इसके गलत इस्तेमाल की जानकारी नहीं थी। उधर, प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कासलीवाल के बेटे की इसमें सीधी भूमिका है और कांग्रेस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इन आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच जांच जारी है।
प्रशासन पर कार्रवाई
मामले में जिला आबकारी अधिकारी समेत तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा देवास के कलेक्टर और एसपी का भी तबादला किया गया है। नए कलेक्टर और एसपी की जानकारी यहां पढ़ें।
आगे क्या?
पुलिस ने जब्त नकली शराब और केमिकल के सैंपल फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजने की बात कही है। रिपोर्ट आने के बाद शराब में मिले केमिकल और मौतों के कारण को लेकर तस्वीर साफ होगी। पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम की जांच भी जारी है।
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