Bank Hartal 2026: बैंकों की हड़ताल कब से कब तक, जानें वजह और कौन-कौन से बैंक रहेंगे बंद

🔄 25 September 2026 ⏱ 1 मिनट में पढ़ें 👁 25 views
Bank Hartal 2026: बैंकों की हड़ताल कब से कब तक, जानें वजह और कौन-कौन से बैंक रहेंगे बंद

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

bank-hartal देशभर में बैंकिंग सेवाएं लेने वाले ग्राहकों के लिए एक बड़ी खबर है। बैंक कर्मचारियों के संगठन ने एक बार फिर हड़ताल का ऐलान कर दिया है, जिसके चलते अगले हफ्ते लगातार कई दिनों तक बैंकिंग कामकाज प्रभावित रह सकता है। आइए जानते हैं यह हड़ताल कब से शुरू होगी, कब तक चलेगी, किन बैंकों पर इसका असर पड़ेगा और आखिर बैंक कर्मचारी हड़ताल पर क्यों जा रहे हैं।

बैंक हड़ताल कब से कब तक रहेगी?

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को तीन दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इतना ही नहीं, यूनियन ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो 26 अक्टूबर 2026 से एक अनिश्चितकालीन (लगातार चलने वाली) हड़ताल भी शुरू की जाएगी। इससे पहले यूनियन 11 सितंबर 2026 को एक दिन की हड़ताल भी कर चुकी है।

चूंकि 26 सितंबर को चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार है, इसलिए आशंका जताई जा रही थी कि बैंकिंग सेवाएं लगातार पांच दिनों तक प्रभावित रह सकती हैं। हालांकि सरकार और RBI ने ग्राहकों की सुविधा के लिए 27 सितंबर (रविवार) को सभी सरकारी बैंकों और रीजनल रूरल बैंकों की शाखाओं, ऑफिस, ATM-लिंक्ड ब्रांच और करेंसी चेस्ट को सामान्य रूप से खुला रखने की मंजूरी दी है, ताकि ग्राहक जरूरी काम निपटा सकें।

हड़ताल की वजह क्या है?

बैंक यूनियनों की मुख्य मांग है – सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग (5-Day Banking Week)। यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते (12th Bipartite Settlement) में IBA के साथ यह तय हो चुका था कि सभी शनिवार को बैंकों की छुट्टी रहेगी, लेकिन सरकार की तरफ से अब तक इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। फिलहाल बैंकों में सिर्फ दूसरे और चौथे शनिवार को ही छुट्टी होती है।

यूनियनों के प्रस्ताव के मुताबिक, अगर पांच दिन बैंकिंग लागू होती है तो बैंक सोमवार से शुक्रवार तक ही खुलेंगे, लेकिन बदले में रोजाना कामकाज का समय 40 मिनट बढ़ा दिया जाएगा।

22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर की मौजूदगी में यूनियनों, IBA और वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के बीच सुलह वार्ता (conciliation meeting) हुई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद UFBU ने साफ कर दिया कि जब तक पांच दिन बैंकिंग को लेकर कोई ठोस और सकारात्मक फैसला नहीं आता, हड़ताल आगे भी जारी रहेगी।

AIBEA के महासचिव सी.एच. वेंकटाचलम ने कहा कि सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब न मिलने के चलते बैंक कर्मचारियों पर यह हड़ताल मजबूरी में थोपी गई है और कर्मचारी खुद को भेदभाव का शिकार महसूस कर रहे हैं।

हड़ताल में कौन-कौन से बैंक शामिल हैं?

यह हड़ताल मुख्य रूप से सरकारी बैंकों (Public Sector Banks) पर असर डालेगी, क्योंकि UFBU में शामिल यूनियनों का सबसे बड़ा आधार सरकारी बैंकों में ही है। इनमें शामिल हैं:

  • भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
  • पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
  • बैंक ऑफ इंडिया
  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
  • इंडियन बैंक
  • बैंक ऑफ बड़ौदा
  • केनरा बैंक

इन सभी बैंकों ने अपने ग्राहकों को SMS और नोटिस के जरिए हड़ताल की जानकारी दे दी है और जरूरी बैंकिंग काम 25 सितंबर तक निपटाने की सलाह दी है।

UFBU में शामिल यूनियन

UFBU कुल 9 बैंक कर्मचारी और अधिकारी यूनियनों का संयुक्त मंच है, जो दावा करता है कि यह देश के करीब 90% बैंकिंग वर्कफोर्स का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें AIBOC, AIBEA, NCBE, AIBOA, INBEF, BEFI, INBOC, NOBW और NOBO जैसी यूनियनें शामिल हैं।

क्या प्राइवेट बैंक भी हड़ताल में शामिल हैं?

नहीं। ICICI बैंक, HDFC बैंक, Axis बैंक और Kotak Mahindra बैंक जैसे प्राइवेट बैंक UFBU का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए हड़ताल के दौरान इन बैंकों में कामकाज सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है। हालांकि ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि शाखा जाने से पहले एक बार अपने बैंक से पुष्टि जरूर कर लें।

ग्राहकों के लिए क्या असर पड़ेगा

हड़ताल के दौरान सरकारी बैंकों में कैश जमा और निकासी, चेक क्लियरिंग, पासबुक अपडेट, लोन डिस्बर्समेंट और स्टाफ द्वारा किए जाने वाले काम प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि ATM, UPI, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और YONO जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। SBI समेत कई बैंकों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे अपने जरूरी काम पहले ही निपटा लें और नकदी की जरूरत के लिए ATM व डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करें।

इसके अलावा केंद्र सरकार ने भी अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सितंबर महीने की सैलरी व पेंशन तय तारीख से पहले, यानी 25 सितंबर को ही जारी करने का निर्देश दिया है, ताकि भुगतान हड़ताल में अटक न जाए।

निष्कर्ष

28 से 30 सितंबर तक होने वाली यह तीन दिवसीय हड़ताल सरकारी बैंकों के ग्राहकों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है, खासकर तब जब यह वीकेंड की छुट्टियों से जुड़कर लगातार कई दिनों के गैप में तब्दील हो रही है। अगर सरकार और बैंक यूनियनों के बीच पांच दिन बैंकिंग को लेकर जल्द कोई सहमति नहीं बनती, तो 26 अक्टूबर से एक और बड़ी और इस बार अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होने की आशंका है।

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updatetimesin
Update Times के वरिष्ठ पत्रकार।
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