(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Sensex Nifty share market update भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार, 25 सितंबर को बाजार ने राहत भरी बढ़त के साथ कारोबार बंद किया, लेकिन इसके बावजूद Sensex और Nifty लगातार सातवें हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। आइए जानते हैं बाजार का पूरा हाल और आगे के लिए क्या संकेत मिल रहे हैं।
कैसा रहा शुक्रवार का कारोबार
शुक्रवार को BSE का 30 शेयरों वाला इंडेक्स Sensex 315.20 अंक यानी 0.43% की बढ़त के साथ 73,895.74 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं NSE का Nifty 50, 77.40 अंक यानी 0.34% चढ़कर 23,140.50 के स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले गुरुवार का कारोबार काफी कमजोर रहा था, जब Nifty 1.64% और Sensex 1.67% तक टूट गया था।
लगातार सातवें हफ्ते गिरावट, कोविड के बाद सबसे लंबा गिरावट का दौर
25 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में Nifty करीब 0.88% और Sensex करीब 0.54% टूटा। यह लगातार सातवां हफ्ता है जब बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ है, जो कोविड-19 के दौरान आई गिरावट के बाद सबसे लंबा साप्ताहिक गिरावट का दौर माना जा रहा है। बीते सात हफ्तों में Nifty करीब 5.8% तक फिसल चुका है।
बढ़त और गिरावट में किन शेयरों का रहा दबदबा
शुक्रवार के कारोबार में Axis Bank (करीब 2.8-2.9%), Mahindra & Mahindra (करीब 2.2%), Asian Paints (करीब 1.9-2.3%), Bajaj Finance और HCL Tech जैसे शेयर टॉप गेनर्स में शामिल रहे। वहीं दूसरी तरफ Tata Motors, Infosys और Kotak Bank जैसे शेयरों में गिरावट देखने को मिली। सेक्टर के लिहाज से रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी गई।
गिरावट की वजह क्या रही?
बाजार में लगातार कमजोरी की सबसे बड़ी वजह वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें रही हैं। क्रूड ऑयल की कीमतें करीब 106 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिससे भारत के आयात बिल और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाए रखा। शुक्रवार को भी FII करीब 3,694 करोड़ रुपये के नेट सेलर रहे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा दिया।
हालांकि राहत की बात यह रही कि अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक चरणबद्ध समझौते की उम्मीदों ने क्रूड की कीमतों में नरमी लाने में मदद की, जिससे बाजार को शुक्रवार को सहारा मिला।
टेक्निकल आउटलुक: आगे किन स्तरों पर रहेगी नजर
LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रुपक डे के मुताबिक, Nifty अभी भी लोअर हाई और लोअर लो का पैटर्न बना रहा है और अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है, जो शॉर्ट टर्म में बाजार की कमजोरी को दर्शाता है। साप्ताहिक चार्ट पर RSI भी बियरिश बना हुआ है।
- सपोर्ट लेवल: 23,000 के बाद 22,700
- रेजिस्टेंस लेवल: 23,200–23,300 का जोन
अगर Nifty 23,300 के ऊपर टिककर बंद होता है तो टेक्निकल सेटअप में सुधार देखा जा सकता है, जबकि 23,000 के नीचे निर्णायक ब्रेक आने पर गिरावट का सिलसिला फिर शुरू हो सकता है।
इस हफ्ते बाजार में किन बातों पर रहेगी नजर
आने वाले हफ्ते में निवेशकों की नजर अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों, फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर रहेगी, जो ग्लोबल लिक्विडिटी और भारत के ग्रोथ आउटलुक को लेकर नई दिशा दे सकते हैं। इसके अलावा क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी आती है या नहीं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती है या नहीं, इस पर भी बाजार की चाल काफी हद तक निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
शुक्रवार की रिकवरी के बावजूद बाजार अभी भी दबाव में नजर आ रहा है और लगातार सातवें हफ्ते की गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में ग्लोबल संकेतों और क्रूड ऑयल की चाल पर बाजार की दिशा तय होने की उम्मीद है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य बाजार अपडेट के लिए है, निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
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