MP Ladli Behna Yojana women scheme registry : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की महिलाओं और ग्रामीण भूखंडधारकों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। एक तरफ लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना के जरिए महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता दी जा रही है, तो दूसरी तरफ स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण पट्टाधारकों को मुफ्त रजिस्ट्री का बड़ा तोहफा मिलने वाला है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किसे कितना और कैसे लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना: बहनों को हर महीने आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मोहन यादव सरकार की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने सीधे राशि ट्रांसफर की जाती है।
अब तक कितना लाभ मिल चुका है
- जनवरी 2024 से मई 2026 तक 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को 47,775 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
- हाल ही में रक्षाबंधन के मौके पर बहनों को विशेष तोहफा भी दिया गया।
- इसी दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 35 लाख 25 हजार से अधिक हितग्राहियों के खातों में 311 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।
मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना: बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा
बेटियों के जन्म और पढ़ाई को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही इस योजना के तहत मई 2026 तक 15 लाख 84 हजार बालिकाओं का पंजीयन हो चुका है और 537 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति वितरित की जा चुकी है।
यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना: कुपोषण पर सीधा वार
राज्य सरकार ने बच्चों में कुपोषण की समस्या को खत्म करने के लक्ष्य के साथ यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना की घोषणा की है। बजट 2026 में इसके लिए अलग से राशि का प्रावधान किया गया है।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और वन स्टॉप सेंटर को मजबूती
कैबिनेट बैठक में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाओं के सुचारु संचालन के लिए 240.42 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे संकटग्रस्त महिलाओं और बेटियों को समय पर सहायता मिल सकेगी।
पट्टाधारकों को कब तक मिलेगी मुफ्त रजिस्ट्री?
मोहन यादव कैबिनेट ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जिन भू-खंडधारकों के अधिकार अभिलेख ड्रोन तकनीक से तैयार किए गए हैं, अब उनकी रजिस्ट्री (डीड ऑफ कन्वेयेंस) कराई जाएगी।
मुख्य बिंदु
- अब तक कुल 68.11 लाख अधिकार अभिलेख तैयार हो चुके हैं, जिनमें से 48.32 लाख निजी संपत्तियां शामिल हैं।
- इन सभी की रजिस्ट्री पर कोई स्टाम्प ड्यूटी या पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा।
- इस पूरी योजना पर राज्य सरकार करीब 3,800 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
- क्रियान्वयन के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है जो प्रक्रिया और समयसीमा तय करेगी।
- केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत मिलने वाले पट्टे और रजिस्ट्री पर भी कोई शुल्क नहीं लगेगा।
इससे किसानों और ग्रामीणों को घर बनाने, व्यवसाय शुरू करने या खेती से जुड़े कामों के लिए बैंक से आसानी से लोन मिल सकेगा, क्योंकि अब उनके पास वैध रजिस्टर्ड दस्तावेज होंगे। अभी तक इस अभियान की कोई एक फिक्स आखिरी तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है, यह जिलेवार शिविरों के जरिए चरणों में पूरी की जाएगी।
निष्कर्ष
मोहन यादव सरकार महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण संपत्ति अधिकारों को लेकर लगातार बड़े फैसले ले रही है। लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजनाओं से जहां महिलाओं को सीधा आर्थिक संबल मिल रहा है, वहीं स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को उनकी जमीन का कानूनी अधिकार और लोन की सुविधा मिलने जा रही है।
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