Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया। पीपलकोटी में बन रही विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी घुसने से कई मजदूर अंदर फंस गए। घटना के तुरंत बाद प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
Chamoli Tunnel Accident: कैसे हुआ हादसा?
जिलाधिकारी गौरव कुमार के मुताबिक शुरुआती जानकारी के अनुसार शाम करीब 7:05 बजे पीपलकोटी स्थित टनल में मलबा और पानी अचानक अंदर घुस आया। उस समय टनल में करीब 18 से 19 मजदूर काम कर रहे थे। यह निर्माण कार्य एचसीसी (HCC) कंपनी द्वारा किया जा रहा है और यह टनल अलकनंदा नदी पर बन रही विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का हिस्सा है।
अब तक कई मजदूर सुरक्षित बाहर निकाले गए
घटना की सूचना मिलते ही बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया। अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 13 से 18 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, हालांकि सटीक आंकड़े को लेकर अभी अलग-अलग स्रोतों में थोड़ा अंतर है। बचाव दल बाकी बचे मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
कुछ मौतों की आशंका, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टनल में सरिया वेल्डिंग के दौरान हुए भूस्खलन में कुछ मजदूरों की मौत होने की आशंका भी जताई गई है। हालांकि यह आंकड़ा अभी तक प्रशासन की ओर से आधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं किया गया है, ऐसे में सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक बयान का इंतजार करना जरूरी है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटीं कई एजेंसियां
मजदूरों को बचाने के लिए एनडीआरएफ (NDRF), उत्तराखंड एसडीआरएफ (SDRF), भारतीय सेना, आईटीबीपी, स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। रेस्क्यू में मदद के लिए भेजी गई एक मशीन खुद टनल के अंदर फंस गई, जिसे निकालने और रास्ता साफ करने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने ली स्थिति की जानकारी
घटना की जानकारी मिलते ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री देहरादून स्थित राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे और पूरी स्थिति की समीक्षा की। बदरीनाथ के विधायक लखपत बुटोला और जिलाधिकारी गौरव कुमार ने भी मौके पर मौजूद अधिकारियों और बचाव दलों को पूरी तत्परता और समन्वय के साथ रेस्क्यू अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
विष्णुगाड़-पीपलकोटी परियोजना के बारे में
विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना THDC इंडिया द्वारा अलकनंदा नदी पर बनाई जा रही एक बड़ी हाइड्रोपावर परियोजना है। जिस टनल में यह हादसा हुआ, उसे टीआरटी (टेल रेस टनल) कहा जाता है, जो परियोजना का एक अहम हिस्सा है। पहाड़ी इलाकों में इस तरह की सुरंग परियोजनाओं में भूस्खलन और जलभराव का खतरा हमेशा बना रहता है, जिसे देखते हुए सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग भी उठ सकती है।
हादसे से जुड़े ताजा अपडेट आप आजतक और अमर उजाला पर पढ़ सकते हैं। उत्तराखंड से जुड़ी अन्य खबरों के लिए हमारी IMD Rain Alert रिपोर्ट भी पढ़ें।
निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा और रोजगार
इस तरह के हादसे बड़ी निर्माण परियोजनाओं में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करते हैं। हाइड्रोपावर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में लगातार नई परियोजनाएं शुरू होने से रोजगार के अवसर तो बढ़ रहे हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन भी उतना ही जरूरी है। ऐसे में निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को सलाह दी जाती है कि वे सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरा पालन करें और नियोक्ता कंपनियों को भी मजदूरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
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