Ujjain Mahakal Kawad Yatra crowd today : श्रावण मास में मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन इन दिनों पूरी तरह शिवमय नजर आ रही है। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु और कांवड़ यात्री उज्जैन पहुंच रहे हैं। आइए जानते हैं आज उज्जैन में कैसा माहौल है और कावड़ यात्रा में कितनी भीड़ उमड़ रही है।
उज्जैन में श्रद्धालुओं की रिकॉर्डतोड़ भीड़
श्रावण मास शुरू होने के बाद से ही उज्जैन में भक्तों का तांता लगा हुआ है। सिर्फ आठ दिनों में करीब 29 लाख 28 हजार श्रद्धालु महाकाल दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं। सावन के पहले सोमवार यानी 3 अगस्त को अकेले 6 लाख 13 हजार से ज्यादा भक्त पहुंचे, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा। प्रशासन का अनुमान है कि सावन के दौरान हर दिन औसतन करीब चार लाख श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं।
कावड़ यात्रा में कैसी है भीड़
कावड़ यात्रियों की संख्या भी इस बार काफी ज्यादा देखी जा रही है। कई श्रद्धालु ओंकारेश्वर और महेश्वर से पैदल नर्मदा जल लेकर उज्जैन पहुंच रहे हैं और बाबा महाकाल का जलाभिषेक कर रहे हैं। मंदिर प्रबंधन ने कावड़ यात्रियों के लिए खास व्यवस्था बनाई है।
कावड़ यात्रियों के लिए नियम
- कावड़ यात्रियों को मंगलवार से शुक्रवार तक बाबा महाकाल को जल अर्पित करने की सुविधा दी जा रही है।
- इन यात्रियों को गेट नंबर एक और हरसिद्धि चौराहे से विशेष मार्ग से प्रवेश मिलता है।
- शनिवार, रविवार और सोमवार को भीड़ बहुत ज्यादा होने के कारण कावड़ दल को इन दिनों प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती।
- सामान्य श्रद्धालुओं को श्री महाकाल महालोक स्थित नंदी द्वार से प्रवेश देकर मानसरोवर फैसेलिटी सेंटर और महाकाल टनल के रास्ते गणेश मंडपम तक भेजा जाता है।
आज उज्जैन में माहौल
आज रविवार होने के कारण उज्जैन में भीड़ का दबाव और ज्यादा है, क्योंकि शनिवार-रविवार-सोमवार का वीकेंड कॉम्बिनेशन हमेशा सबसे व्यस्त रहता है। कल यानी सोमवार, 17 अगस्त को बाबा महाकाल की तीसरी सवारी निकलने वाली है, इसलिए शहर में उत्साह और चहल-पहल और बढ़ गई है। मंदिर परिसर, महाकाल लोक कॉरिडोर और आसपास के इलाकों में हर तरफ ‘हर हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे हैं। भीड़ बढ़ने पर नंदी हॉल और परिसर में प्रवेश अस्थायी रूप से रोका जा रहा है ताकि व्यवस्था बनी रहे।
दर्शन और सवारी का समय
मंदिर के पट रोजाना सुबह तीन बजे खुलते हैं, जबकि सोमवार को ढाई बजे। भस्मारती के बाद सामान्य दर्शन रात दस बजे तक चलते हैं। बाबा महाकाल की छह सवारियां श्रावण-भादौ मास में निकाली जा रही हैं, जिनमें से तीन निकल चुकी हैं और तीसरी सवारी कल यानी 17 अगस्त को निकलेगी।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सलाह
- सावन के सोमवार को उज्जैन में भारी भीड़ रहती है, इसलिए यात्रा से पहले होटल बुकिंग जरूर करा लें।
- भीड़भाड़ से बचने के लिए छतरी चौक या ढाबा रोड जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दें।
- बारिश के मौसम को देखते हुए रेनकोट, छाता और जरूरी दवाइयां साथ रखें।
- प्रशासन के सुरक्षा नियमों और तय ट्रैफिक रूट का सख्ती से पालन करें।
निष्कर्ष
श्रावण मास में उज्जैन इस समय आस्था के महासैलाब से गुजर रहा है। कावड़ यात्रियों और आम श्रद्धालुओं दोनों की भारी भीड़ के बीच प्रशासन ने व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखा है। अगर आप भी दर्शन का प्लान बना रहे हैं, तो भीड़ को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा की योजना बनाएं।
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