Sonam Wangchuk Second Independence: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले जानी-मानी शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की एक अपील सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। उन्होंने देशवासियों से एक 'शांतिपूर्ण क्रांति' और 'दूसरे स्वतंत्रता आंदोलन' की शुरुआत करने की अपील की है, जिसके बाद यह मुद्दा देशभर में चर्चा का विषय बन गया।
Sonam Wangchuk Second Independence: आखिर क्या है पूरी अपील?
सोनम वांगचुक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक विस्तृत वीडियो संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने देश की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था, शिक्षा प्रणाली और नेतृत्व चयन की प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि अगर भारत को 2047 तक एक सम्मानित राष्ट्र बने रहना है, तो कम से कम नेताओं को चुनने के तरीके में एक शांतिपूर्ण क्रांति की जरूरत है।
चुनावी व्यवस्था और नेतृत्व चयन पर उठाए सवाल
वांगचुक ने कहा कि यह समस्या किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक एक पार्टी की सरकार के खिलाफ जब भी आवाज उठाई गई, दूसरी पार्टी की सरकार ने भी उसे उसी तरह से दबा दिया। उन्होंने थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों की प्रति व्यक्ति जीडीपी का उदाहरण देते हुए भारत की मौजूदा आर्थिक और राजनीतिक स्थिति पर भी सवाल खड़े किए।
राजघाट पहुंचकर वांगचुक ने कहा – बापू का रास्ता आज भी प्रासंगिक
हाल ही में अस्वस्थ रहने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज होकर सोनम वांगचुक राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का अहिंसा और शांति का रास्ता आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना आजादी के समय था। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छेड़ दी।
देशवासियों से मांगे नामों के सुझाव
वांगचुक ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र से ऐसे निस्वार्थ, निर्भीक और चरित्रवान लोगों के नाम सुझाएं, जो देश की राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था में सार्थक बदलाव ला सकें। उनका कहना है कि वे देश के हर हिस्से से कम से कम एक ऐसे व्यक्ति के बारे में जानना चाहते हैं, जो भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच रखता हो।

कौन हैं सोनम वांगचुक?
सोनम वांगचुक लद्दाख के जाने-माने शिक्षाविद और इंजीनियर हैं, जिन्हें शिक्षा सुधार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके काम के लिए जाना जाता है। वे पहले भी लद्दाख को संवैधानिक सुरक्षा दिलाने और स्थानीय मुद्दों को लेकर कई आंदोलनों का हिस्सा रह चुके हैं, जिसके चलते वे समय-समय पर विवादों में भी घिरे हैं। उनकी हालिया अपील को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है।
इस मामले से जुड़े और अपडेट आप आजतक और दैनिक ट्रिब्यून पर पढ़ सकते हैं। स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी अन्य रिपोर्ट के लिए हमारी 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह स्टोरी भी पढ़ें।
सामाजिक कार्य और रोजगार के अवसर
सोनम वांगचुक जैसे शिक्षा सुधारकों की पहल से प्रेरित होकर देशभर में शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक बदलाव से जुड़े संगठनों में काम करने के इच्छुक युवाओं के लिए भी कई अवसर बनते हैं। ऐसे में सामाजिक क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक लोगों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित एनजीओ और सरकारी सामाजिक कल्याण विभागों की वेबसाइट पर जारी होने वाली भर्तियों और वॉलंटियर अवसरों पर नजर बनाए रखें।
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