देश की सबसे बड़ी ट्रेंडिंग खबर आज Vande Mataram Insult Bill से जुड़ी है। संसद के दोनों सदनों — राज्यसभा और लोकसभा — ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के अपमान को अपराध की श्रेणी में लाने वाला विधेयक पास कर दिया है। अब इस कानून को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह पूरे देश में लागू हो जाएगा।
Vande Mataram Insult Bill क्या है?
‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026’ यानी Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 को लोकसभा में 30 जुलाई को ध्वनि मत से पारित किया गया। इससे एक दिन पहले राज्यसभा भी इस बिल को मंजूरी दे चुकी थी। इस कानून के तहत वंदे मातरम को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ जैसा ही कानूनी दर्जा मिलेगा।
क्या सजा का प्रावधान है?
नए कानून के अनुसार जो भी व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम का अपमान करेगा या इसके गायन में जानबूझकर बाधा डालेगा, उसे 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। यह वही प्रावधान है जो अभी तक राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान पर लागू होता था।
सरकार का पक्ष
बिल पेश करने वाले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में कहा कि यह कदम वंदे मातरम को वह दर्जा देने के लिए जरूरी था, जिसका वह हकदार है। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकारों को यह कदम पहले ही उठा लेना चाहिए था। राय ने अपने भाषण का समापन ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष के साथ किया।
विपक्ष का विरोध
बिल पास होने के दौरान संसद में विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। डीएमके सांसद ए राजा समेत कई विपक्षी सदस्यों के संशोधन प्रस्ताव खारिज कर दिए गए। डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि यह कानून एकता के बजाय समाज में विभाजन पैदा कर सकता है। हंगामे के बीच ही सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

वंदे मातरम का ऐतिहासिक महत्व
वंदे मातरम गीत की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी और आजादी की लड़ाई में इसने क्रांतिकारियों को प्रेरित करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। सरकार का कहना है कि यह संशोधन देश की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा और स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम की भूमिका को सम्मान देने की दिशा में एक कदम है।
आगे क्या?
फिलहाल यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। मंजूरी मिलते ही यह कानून का रूप ले लेगा और देशभर में लागू हो जाएगा। इसके साथ ही वंदे मातरम को भी वही कानूनी सुरक्षा प्राप्त हो जाएगी, जो अभी तिरंगे और राष्ट्रगान को हासिल है।
संसद के मौजूदा मानसून सत्र में इस बिल के अलावा और भी कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है। हाल ही में पेपर लीक कानून को लेकर पीएम मोदी का बयान भी सुर्खियों में रहा था, वहीं देश के अलग-अलग हिस्सों में जारी प्रदर्शनों की पूरी जानकारी भी लगातार अपडेट हो रही है।
Source: Onmanorama, The Logical Indian
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