राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हाल ही के सरकारी कार्यक्रमों और समारोहों में एक युवा महिला सेना अधिकारी की मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा है। यह अधिकारी हैं मेजर नव्या शेखावत, जो भारतीय थल सेना की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं जिन्हें राष्ट्रपति का एडीसी (Aide-de-Camp) नियुक्त किया गया है। आइए जानते हैं कि मेजर नव्या शेखावत कौन हैं, उनकी शुरुआत कहां से हुई और उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि कब और कैसे हासिल की।
मेजर नव्या शेखावत कौन हैं?
मेजर नव्या शेखावत भारतीय सेना की आर्मी सर्विस कोर (Army Service Corps) से जुड़ी अधिकारी हैं। वे अब राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एडीसी के तौर पर सेवाएं दे रही हैं। राष्ट्रपति के साथ आधिकारिक समारोहों, राजकीय कार्यक्रमों और अन्य प्रोटोकॉल गतिविधियों में वे अक्सर नजर आती हैं, जिसके बाद वे सोशल मीडिया और खबरों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
शुरुआती जीवन — राजस्थान के सीकर से जुड़ाव
मेजर नव्या शेखावत मूल रूप से राजस्थान के सीकर जिले के करपुरा गांव की रहने वाली हैं। एक छोटे से गांव से निकलकर देश की सबसे प्रतिष्ठित सैन्य नियुक्तियों में से एक तक पहुंचना उनकी मेहनत और अनुशासन की मिसाल माना जा रहा है।
सेना में करियर की शुरुआत — CDS परीक्षा से OTA चेन्नई तक
मेजर शेखावत का सेना में सफर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा पास करने से शुरू हुआ। इसके बाद उनका चयन ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA), चेन्नई के शॉर्ट सर्विस कमीशन महिला नॉन-टेक्निकल कोर्स के लिए हुआ, जहां उन्होंने कठोर सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया।
आर्मी सर्विस कोर में कमीशन और मेजर रैंक तक का सफर
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वर्ष 2021 में उन्हें आर्मी सर्विस कोर में कमीशन मिला। यह कोर सेना की लॉजिस्टिक्स, सप्लाई और परिवहन व्यवस्था संभालती है। महज करीब पांच साल की सेवा में ही वे मेजर के रैंक तक पहुंचीं और राष्ट्रपति के एडीसी पद के लिए चुनी गईं, जो अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि है।
राष्ट्रपति की ADC कब और कैसे बनीं
मेजर नव्या शेखावत को जुलाई 2026 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का एडीसी नियुक्त किया गया। इसके साथ ही वे भारतीय थल सेना की पहली महिला अधिकारी बन गईं जिन्हें यह जिम्मेदारी मिली। गौरतलब है कि इससे पहले मई 2025 में नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी राष्ट्रपति की पहली महिला एडीसी बनी थीं। इस लिहाज से मेजर शेखावत राष्ट्रपति की एडीसी बनने वाली कुल मिलाकर दूसरी महिला अधिकारी हैं।
ADC की भूमिका और जिम्मेदारियां
राष्ट्रपति के पास आमतौर पर पांच एडीसी होते हैं — तीन थल सेना से और एक-एक नौसेना व वायुसेना से। एडीसी राष्ट्रपति के साथ राजकीय समारोहों, अलंकरण (investiture) कार्यक्रमों, सैन्य आयोजनों, राजनयिक मुलाकातों, आधिकारिक दौरों और राष्ट्रीय उत्सवों में मौजूद रहकर प्रोटोकॉल संबंधी जिम्मेदारियां निभाते हैं और वरिष्ठ असैनिक व सैन्य अधिकारियों के बीच समन्वय भी करते हैं।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल
मेजर नव्या शेखावत की यह उपलब्धि भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की एक बड़ी मिसाल है। दशकों तक राष्ट्रपति के एडीसी जैसे पद लगभग पूरी तरह पुरुष अधिकारियों के पास रहे। अब मेजर शेखावत की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब सराही जा रही हैं, और वे रक्षा क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छुक कई युवतियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
CDS परीक्षा से सेना में करियर — जरूरी जानकारी
मेजर नव्या शेखावत की कहानी उन युवाओं के लिए खास मायने रखती है जो CDS परीक्षा, SSB इंटरव्यू या OTA में प्रशिक्षण की तैयारी कर रहे हैं। यह दिखाती है कि अनुशासित तैयारी और मेहनत से एक सामान्य शुरुआत भी राष्ट्रपति भवन जैसी प्रतिष्ठित जगह तक पहुंचा सकती है। इच्छुक अभ्यर्थी CDS परीक्षा से जुड़ी अधिसूचनाएं संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर समय-समय पर देख सकते हैं।
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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