Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र में इस हफ्ते सियासी हलचल तेज बनी हुई है। एक तरफ राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक 2026 दोनों सदनों से पास हो गया, जिसके जरिए ‘वंदे मातरम’ को अब ‘जन गण मन’ की तरह कानूनी संरक्षण मिल गया है। दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक बयान को लेकर सत्ता पक्ष ने उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे दिया है। साथ ही NEET पेपर लीक मुद्दे पर संसद से सड़क तक हंगामा जारी है।
वंदे मातरम बिल: क्या है नया कानून?
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 राज्यसभा के बाद लोकसभा में भी पास हो गया है। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने विपक्ष के हंगामे के बीच यह बिल पेश किया था। इस संशोधन के जरिए 1971 के मूल कानून में बदलाव करते हुए राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रगीत के अपमान से जुड़े प्रावधानों को और सख्त बनाया गया है। अब वंदे मातरम के गायन में बाधा डालना या उसका अनादर करना कानूनन अपराध माना जाएगा।
बिल पास होने के बाद विपक्षी सांसदों ने इसे लेकर सरकार पर सवाल उठाए। आरजेडी सांसद मनोज झा ने सदन में कहा कि सरकार देश को बांटने की राजनीति कर रही है, वहीं सत्ता पक्ष ने इसे राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा जरूरी कदम बताया।
राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। ठाकुर का आरोप है कि 29 जुलाई की बहस के दौरान राहुल गांधी ने कुछ नागरिकों और सरकार समर्थकों के लिए अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया, और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की आपत्ति व सभापति की चेतावनी के बावजूद इसे दोहराया। नोटिस में नियम-380, 381 और 352 का हवाला देते हुए राहुल गांधी से बिना शर्त माफी मांगने और मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजने की मांग की गई है।
कांग्रेस पार्टी की ओर से इन आरोपों पर औपचारिक रूप से खंडन नहीं किया गया है, हालांकि पार्टी नेताओं ने पहले भी कहा है कि विपक्ष को सदन में बोलने से रोका जा रहा है। TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी सवाल उठाया कि क्या सत्ता पक्ष के नेताओं को भी इसी तरह टोका जाता।
NEET पेपर लीक मुद्दे पर गतिरोध जारी
मानसून सत्र की शुरुआत से ही NEET पेपर लीक का मुद्दा दोनों सदनों में छाया हुआ है। विपक्ष सरकार से पेपर लीक रोकने में नाकामी पर जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने की तैयारी में है, जिसमें ज्यादा जुर्माना और सजा का प्रावधान शामिल है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चर्चा के दौरान पेपर लीक पर छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग के लिए गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। वहीं सत्ता पक्ष ने कांग्रेस पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।
राम मंदिर चढ़ावा मुद्दे की भी गूंज
Parliament Monsoon Session 2026 सत्र शुरू होने से पहले ही राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की विस्तृत जांच कराने की मांग की थी। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट बयान की मांग कर रहा है, हालांकि सरकार की ओर से इस पर अब तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से नहीं आई है।
आगे क्या?
मानसून सत्र में अभी कई अहम विधेयकों पर चर्चा बाकी है। विशेषाधिकार समिति को अगर राहुल गांधी का मामला भेजा जाता है, तो समिति की जांच रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई तय होगी। वहीं पेपर लीक कानून को लेकर भी सरकार जल्द विधेयक सदन में ला सकती है। संसद का यह सत्र आने वाले दिनों में और हंगामेदार रहने के आसार हैं।
(यह रिपोर्ट विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप अभी जांच और संसदीय प्रक्रिया के दायरे में हैं।)
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