Japan Earthquake Tsunami Warning: दक्षिण जापान में 7.1 तीव्रता का भूकंप, 13 की मौत, मॉल ढहा
जापान एक बार फिर एक बड़े भूकंप से हिल गया है। मंगलवार दोपहर दक्षिण जापान के क्यूशू द्वीप पर 7.1 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया, जिसने इमारतों को हिला दिया, एक शॉपिंग मॉल का हिस्सा ढहा दिया और तुरंत सुनामी की चेतावनी जारी करवा दी। Japan Earthquake Tsunami Warning को लेकर दुनियाभर में यह खबर सुर्खियों में है। आइए जानते हैं इस आपदा की पूरी जानकारी।
कब और कहां आया भूकंप?
यह भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 4:27 बजे कुमामोतो प्रान्त के पास आया। CBS News की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान की मौसम एजेंसी (JMA) ने इसकी तीव्रता 7.1 बताई और यह जापान के शिंडो पैमाने पर सबसे ऊंचे स्तर 7 तक पहुंचा, जो कि सबसे तेज झटकों की श्रेणी है।
भूकंप की तीव्रता और गहराई
अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण एजेंसी (USGS) ने इसी भूकंप की तीव्रता 6.8 मापी। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर, कुमामोतो शहर से लगभग 12 मील दक्षिण में था। कुमामोतो, क्यूशू द्वीप का सबसे बड़ा शहर है जिसकी आबादी करीब 7 लाख है।
सुनामी की चेतावनी और उसका असर
Japan Earthquake Tsunami Warning भूकंप के कुछ ही मिनटों बाद जापान के कैबिनेट कार्यालय की आपदा प्रबंधन शाखा ने अरियाके और यात्सुशिरो सागर क्षेत्रों के लिए सुनामी परामर्श (advisory) जारी किया। राहत की बात यह रही कि थोड़ी देर बाद ही यह चेतावनी वापस ले ली गई और तटीय इलाकों में कोई बड़ी सुनामी लहर दर्ज नहीं हुई।
नुकसान और जनहानि की खबरें
इस भूकंप ने कुमामोतो प्रान्त में भारी तबाही मचाई। स्थानीय प्रशासकों के हवाले से कम से कम 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। कम से कम 12 इमारतें ढह गईं, जिनमें से कई मामले यात्सुशिरो शहर में दर्ज हुए।

Aeon Mall ढहा, कई लोग फंसे
कशिमा शहर में स्थित Aeon Mall शॉपिंग सेंटर की दूसरी मंजिल भूकंप के दौरान ढह गई, जिसमें कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। क्योडो न्यूज एजेंसी के मुताबिक करीब 20 से 30 मॉल कर्मचारी लापता बताए गए, जबकि कई अन्य को बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया। कुमामोतो और यात्सुशिरो के अस्पतालों में करीब 90 घायलों को भर्ती कराया गया है।
कुमामोतो कैसल की दीवारें गिरीं
भूकंप के झटकों से ऐतिहासिक कुमामोतो कैसल (किले) की पत्थर की दीवारों का हिस्सा भी गिर गया। इसके अलावा प्रान्त में कम से कम सात जगह आग लगने की घटनाएं भी दर्ज की गईं। बुलेट ट्रेन (शिंकानसेन) सेवाएं और स्थानीय ट्रेनें सुरक्षा जांच के लिए रोक दी गई हैं, और आसो कुमामोतो एयरपोर्ट का रनवे भी बंद कर दिया गया है।
परमाणु संयंत्रों पर असर?
जापान के परमाणु नियामक प्राधिकरण ने बताया कि आसपास के किसी भी परमाणु संयंत्र में कोई असामान्य स्थिति नहीं पाई गई है। सेंदाई परमाणु संयंत्र को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को भी सूचित किया गया कि कोई नुकसान नहीं हुआ है।
जापान में भूकंप इतने आम क्यों हैं?
रिंग ऑफ फायर पर स्थित है जापान
जापान “रिंग ऑफ फायर” पर स्थित है, जहां फिलीपींस और पैसिफिक टेक्टॉनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। यही वजह है कि दुनिया के करीब 20% भूकंप (6.0 या उससे अधिक तीव्रता के) अकेले जापान में आते हैं।
2011 की फुकुशिमा त्रासदी की यादें ताज़ा
इस भूकंप ने एक बार फिर 2011 की उस भयावह घटना की याद दिला दी, जब 9.0 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आई सुनामी ने फुकुशिमा दाइची परमाणु संयंत्र में मेल्टडाउन का कारण बना दिया था और करीब 20,000 लोगों की जान चली गई थी। इस साल अप्रैल में भी उत्तरी जापान में 7.7 तीव्रता का झटका महसूस किया गया था, जिसके बाद अधिकारियों ने 8.0 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप के बढ़े हुए खतरे की विशेष चेतावनी जारी की थी।
भारत के लिए क्या मतलब है यह खबर?
हालांकि इस भूकंप का सीधा असर भारत पर नहीं पड़ा, लेकिन प्रशांत क्षेत्र में आने वाले किसी भी बड़े भूकंप पर भारतीय मौसम विभाग (IMD) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण करीबी नजर रखते हैं, खासकर अंडमान-निकोबार द्वीप समूह जैसे तटीय इलाकों को लेकर। वैसे भी भारत में इन दिनों IMD की तरफ से मानसून को लेकर अलर्ट जारी है, ऐसे में मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी खबरों पर नजर बनाए रखना जरूरी हो गया है।
यह एक डेवलपिंग स्टोरी है। नुकसान और जनहानि के आंकड़े आगे बदल सकते हैं, हम इसे अपडेट करते रहेंगे।
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