दिल्ली और मुंबई में इस साल कहां-कहां विराजे बप्पा, कौन सी मूर्ति है सबसे भव्य और सबसे बड़ी?

🔄 15 September 2026 ⏱ 1 मिनट में पढ़ें 👁 163 views
दिल्ली और मुंबई में इस साल कहां-कहां विराजे बप्पा, कौन सी मूर्ति है सबसे भव्य और सबसे बड़ी?

Ganesh Chaturthi 2026 Delhi Mumbai idols देशभर में आज, 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी की धूम है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि सुबह 7:06 बजे से शुरू होकर 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे तक रहेगी, और इसी शुभ मुहूर्त में लाखों घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना की जा रही है। मुंबई और दिल्ली दोनों ही शहरों में इस बार बप्पा के भव्य और आकर्षक स्वरूप श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रहे हैं।

मुंबई: देश की सबसे भव्य गणेश मूर्तियों का शहर

मुंबई को गणेशोत्सव की राजधानी माना जाता है, और यहां इस साल भी सबसे बड़ी और सबसे कीमती मूर्तियां आकर्षण का केंद्र बनी हैं।

GSB सेवा मंडल, किंग्स सर्किल

देश के सबसे अमीर गणपति पंडाल के तौर पर मुंबई के किंग्स सर्किल स्थित GSB सेवा मंडल की गिनती होती है। इस मूर्ति को करीब 66 किलो सोने और 335 किलो चांदी से सजाया गया है, और इसे 703 करोड़ रुपये का बीमा कवर भी दिया गया है, जो इसे देश की सबसे कीमती गणेश प्रतिमाओं में शामिल करता है।

खेतवाड़ीचा गणराज

अपनी विशाल और बारीकी से डिज़ाइन की गई मूर्तियों के लिए मशहूर इस मंडल की गणेश प्रतिमा ऊंचाई में करीब 40 फीट तक पहुंच सकती है। यह मंडल हर साल अलग थीम पर आधारित नई मूर्ति बनाकर कई पुरस्कार भी जीत चुका है।

लालबागचा राजा

मुंबई का सबसे मशहूर पंडाल, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ते हैं। ‘लालबाग के राजा’ अपनी मन्नत पूरी करने वाली मूर्ति के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं।

सिद्धिविनायक मंदिर, प्रभादेवी

भगवान गणेश के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में शुमार इस मंदिर में गणेश चतुर्थी के दौरान भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। मूर्ति की सूंड दाहिनी ओर झुकी हुई है और चार भुजाओं में कमल, कुल्हाड़ी, माला और मोदक से भरा कटोरा सुशोभित है।

दिल्ली: राजधानी में भी सजे भव्य पंडाल

राजधानी दिल्ली में पीतमपुरा, लक्ष्मी नगर और अन्य इलाकों में इस बार भव्य आयोजन आकर्षण का केंद्र बने हैं, जहां धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारत की तकनीकी और रक्षा क्षमता को दर्शाने वाली थीम भी देखने को मिल रही है। इसके अलावा कनॉट प्लेस स्थित प्रसिद्ध गणेश मंदिर भी दर्शन के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बना हुआ है।

दिल्ली-NCR में 30 से अधिक गणेश मंडलों में हर साल गणेशोत्सव बड़े उत्साह से मनाया जाता है, और बाबा खड़क सिंह मार्ग पर हर साल शाडू मिट्टी और कागज के लुगदी से बनी पर्यावरण-अनुकूल गणेश मूर्तियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाती है।

निष्कर्ष

सबसे भव्य और सबसे कीमती मूर्ति के मामले में मुंबई का GSB सेवा मंडल (66 किलो सोना, 335 किलो चांदी) अव्वल है, जबकि सबसे ऊंची मूर्ति का खिताब खेतवाड़ीचा गणराज (करीब 40 फीट) के पास है। दिल्ली में इस बार थीम-आधारित पंडाल — खासकर रक्षा और तकनीक थीम — श्रद्धालुओं को खासा लुभा रहे हैं।

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

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updatetimesin
Update Times के वरिष्ठ पत्रकार।
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