भोपाल/दतिया: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने बीजेपी के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों के अंतर से हराकर बड़ी जीत दर्ज की है। यह नतीजा प्रदेश की सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
क्या रहे आंकड़े
चुनाव आयोग (ECI) के मुताबिक 15 राउंड की मतगणना के बाद कांग्रेस के घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले, जबकि बीजेपी के आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट मिले। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उम्मीदवार दामोदर सिंह यादव ‘मंडल’ तीसरे स्थान पर रहे। मतदान 30 जुलाई को हुआ था और 71.44 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जो 2023 विधानसभा चुनाव के 80.2 प्रतिशत मतदान से कम रहा।
सीट खाली क्यों हुई थी
दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की अयोग्यता के बाद खाली हुई थी। दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें बैंक धोखाधड़ी और छल के एक मामले में अप्रैल में दोषी करार देकर सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी सदस्यता रद्द हो गई थी। 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने ही तत्कालीन गृह मंत्री और बीजेपी नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराकर यह सीट जीती थी।

नरोत्तम मिश्रा का गढ़ रही है दतिया
दतिया सीट लंबे समय तक बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा का गढ़ मानी जाती रही है, जिन्होंने 2008 से 2018 तक लगातार तीन बार यहां से जीत दर्ज की थी। इस बार बीजेपी ने नए चेहरे आशुतोष तिवारी पर दांव खेला था, लेकिन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस और बीजेपी की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस जीत को राज्य की जनता की बदलाव की चाहत का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि इस नतीजे ने बीजेपी सरकार का असली चेहरा उजागर कर दिया है। वहीं बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने जनता के फैसले को विनम्रता से स्वीकार करने की बात कही और कार्यकर्ताओं का आभार जताया।
क्यों अहम है यह नतीजा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपचुनाव ऐसे समय हुआ जब देशभर में छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे जैसी घटनाओं से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ था। ऐसे में दतिया का नतीजा 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस दोनों की सियासी स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

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