दतिया उपचुनाव: कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने बीजेपी को 6,016 वोटों से हराया, मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज

🔄 5 August 2026 ⏱ 1 मिनट में पढ़ें 👁 99 views
दतिया उपचुनाव: कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने बीजेपी को 6,016 वोटों से हराया, मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज

भोपाल/दतिया: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने बीजेपी के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों के अंतर से हराकर बड़ी जीत दर्ज की है। यह नतीजा प्रदेश की सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

क्या रहे आंकड़े

चुनाव आयोग (ECI) के मुताबिक 15 राउंड की मतगणना के बाद कांग्रेस के घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले, जबकि बीजेपी के आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट मिले। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उम्मीदवार दामोदर सिंह यादव ‘मंडल’ तीसरे स्थान पर रहे। मतदान 30 जुलाई को हुआ था और 71.44 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जो 2023 विधानसभा चुनाव के 80.2 प्रतिशत मतदान से कम रहा।

सीट खाली क्यों हुई थी

दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की अयोग्यता के बाद खाली हुई थी। दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें बैंक धोखाधड़ी और छल के एक मामले में अप्रैल में दोषी करार देकर सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी सदस्यता रद्द हो गई थी। 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने ही तत्कालीन गृह मंत्री और बीजेपी नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराकर यह सीट जीती थी।

विधानसभा भवन, प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर (Unsplash)

नरोत्तम मिश्रा का गढ़ रही है दतिया

दतिया सीट लंबे समय तक बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा का गढ़ मानी जाती रही है, जिन्होंने 2008 से 2018 तक लगातार तीन बार यहां से जीत दर्ज की थी। इस बार बीजेपी ने नए चेहरे आशुतोष तिवारी पर दांव खेला था, लेकिन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस और बीजेपी की प्रतिक्रिया

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस जीत को राज्य की जनता की बदलाव की चाहत का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि इस नतीजे ने बीजेपी सरकार का असली चेहरा उजागर कर दिया है। वहीं बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने जनता के फैसले को विनम्रता से स्वीकार करने की बात कही और कार्यकर्ताओं का आभार जताया।

क्यों अहम है यह नतीजा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपचुनाव ऐसे समय हुआ जब देशभर में छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे जैसी घटनाओं से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ था। ऐसे में दतिया का नतीजा 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस दोनों की सियासी स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

सरकारी सचिवालय भवन, प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर (Unsplash)
🗳️ क्या आप इन सभी विकल्पों से नाखुश हैं?
अपनी राय दीजिए — बटन दबाकर NOTA को वोट दें
अब तक 0 लोगों ने NOTA दबाया है
शेयर करें: WhatsApp Facebook Twitter Telegram
updatetimesin
Update Times के वरिष्ठ पत्रकार।
← पिछली खबर
Jantar Mantar protest : जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन की गूंज अब भी बरकरार, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद भी सवाल कायम
अगली खबर →
IMD Rain Alert 5 अगस्त 2026: असम-मेघालय में रेड अलर्ट, दिल्ली-यूपी समेत 19 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

🔗 संबंधित खबरें

इंदौर ‘छात्रों की गूंज’ विवाद: PM मोदी की मिमिक्री पर BJP का हमला, राहुल गांधी ने उठाए छात्रों के मुद्दे
लेटेस्ट न्यूज़
इंदौर ‘छात्रों की गूंज’ विवाद: PM मोदी की मिमिक्री पर BJP का हमला, राहुल गांधी ने उठाए छात्रों के मुद्दे
मेजर नव्या शेखावत कौन हैं? राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला सेना अधिकारी की पूरी कहानी
लेटेस्ट न्यूज़
मेजर नव्या शेखावत कौन हैं? राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला सेना अधिकारी की पूरी कहानी
Modi Xi Jinping meeting BRICS 2026: पीएम मोदी और शी जिनपिंग की गलवान के बाद पहली द्विपक्षीय मुलाकात, चीन बोला- ‘प्रतिद्वंदी नहीं, साझेदार हैं भारत-चीन’
लेटेस्ट न्यूज़
Modi Xi Jinping meeting BRICS 2026: पीएम मोदी और शी जिनपिंग की गलवान के बाद पहली द्विपक्षीय मुलाकात, चीन बोला- ‘प्रतिद्वंदी नहीं, साझेदार हैं भारत-चीन’