(प्रतीकात्मक तस्वीर)
CWC Modi Shah CEC resignation “वोट चोरी” के मुद्दे पर सियासी पारा एक बार फिर बेहद ऊंचा हो गया है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) ने मंगलवार को हुई अपनी बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तत्काल बर्खास्तगी के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग कर डाली। पार्टी ने चुनाव आयोग और सरकार पर चुनावों में “मैच फिक्सिंग” का गंभीर आरोप लगाया है।
ढाई घंटे चली CWC बैठक में क्या हुआ?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के शीर्ष नेता मौजूद रहे। करीब ढाई घंटे तक चली इस बैठक में पार्टी ने चुनाव आयोग और “प्रधानमंत्री-गृह मंत्री की जोड़ी” के बीच कथित “मैच फिक्सिंग” पर गहन चर्चा की।
CWC प्रस्ताव की चार बड़ी मांगें
- चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तत्काल बर्खास्तगी, जिन्होंने पार्टी के मुताबिक “सारी नैतिक और संस्थागत विश्वसनीयता खो दी है”
- स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया को तुरंत निलंबित किया जाए
- मतदाता सूची से हटाए गए 13 करोड़ 30 लाख नामों की तत्काल बहाली
- संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा
राहुल गांधी का बड़ा हमला: “दो तरह की मैच फिक्सिंग हुई”
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि “वोट चोरी तीन राज्यों में हुई। मैच फिक्सिंग दो तरह की होती है। पहली, EVM के जरिए मैच फिक्सिंग, और दूसरी मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करके की जाने वाली मैच फिक्सिंग। 2024 के चुनाव पूरी तरह फर्जी थे।” कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के मुताबिक, राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ “विरोध” नहीं बल्कि “प्रतिरोध” की राजनीति करने वाली पार्टी है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव आयुक्त के SIR से जुड़े फैसले उनके “आकाओं यानी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री” की सहमति के बिना संभव नहीं हो सकते।
बैठक इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के कुछ ही दिन बाद हुई
यह बैठक इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद हुई, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने बीते करीब 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं। CWC प्रस्ताव में कहा गया कि SIR के दौरान मतदाता सूची पर नियंत्रण को लेकर पारदर्शिता और आयोग की संस्थागत कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
INDIA गठबंधन की बुधवार को अहम बैठक
सूत्रों के मुताबिक, INDIA गठबंधन के दलों ने कांग्रेस की मांगों से सहमति जताई है और बुधवार को गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में देशव्यापी संयुक्त आंदोलन की एक स्पष्ट रणनीति तय किए जाने की उम्मीद है। कांग्रेस पहले ही लखनऊ, शिमला समेत कई शहरों में इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर चुकी है, और युवा संगठन Cockroach Janta Party (CJP) भी इसी मुद्दे पर 2 अक्टूबर से मुंबई से राष्ट्रव्यापी आंदोलन की तैयारी में है।
सरकार और चुनाव आयोग का पक्ष
चुनाव आयोग ने इन आरोपों को पहले भी खारिज किया है और कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग राय रखना एक सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। सरकार और भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी कांग्रेस पर चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को बदनाम करने का आरोप लगाया जाता रहा है।
निष्कर्ष
CWC के इस प्रस्ताव ने “वोट चोरी” विवाद को नए स्तर पर पहुंचा दिया है, जहां अब मांग सिर्फ चुनाव आयुक्त तक सीमित न रहकर सीधे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री तक पहुंच गई है। आने वाले दिनों में INDIA गठबंधन की रणनीति और सरकार की प्रतिक्रिया इस विवाद की दिशा तय करेगी।
सोर्स: The Federal
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