देश की सबसे बड़ी ट्रेंडिंग खबर आज PM Modi statement on paper leak से जुड़ी है। 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपना अनशन तोड़ दिया है, वो भी तब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक पर सख्त कानून लाने का भरोसा दिलाया।

PM Modi Statement On Paper Leak में क्या कहा गया?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने X अकाउंट पर वीडियो संदेश में कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामलों में सख्त सज़ा और फास्ट-ट्रैक कोर्ट कार्यवाही के प्रावधान वाला एक व्यापक ड्राफ्ट बिल तैयार कर लिया है। उन्होंने इसे लाखों छात्रों के लिए “बेहद पीड़ादायक मुद्दा” बताया।
22 लाख छात्रों की परीक्षा समय पर कराने का दावा
पीएम मोदी ने बताया कि सरकार ने बिना किसी देरी के लगभग 22 लाख छात्रों की परीक्षा संपन्न कराने के लिए सभी संसाधन जुटाए। उन्होंने कहा कि 19 जुलाई को नतीजे घोषित हुए और सफल छात्रों की खुशी की खबरें अब देशभर से आ रही हैं।
कैबिनेट में शुक्रवार को होगी चर्चा
यह ड्राफ्ट बिल शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा और संसद के मौजूदा सत्र में अगले हफ्ते इसे पेश कर पास कराने की कोशिश होगी।
Sonam Wangchuk Hunger Strike खत्म, गुरुग्राम अस्पताल में हुआ ऐलान
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में वांगचुक ने अपना 26 दिन का अनशन तोड़ा। उन्होंने बताया कि सरकार और सभी पार्टियों के सांसदों से लिखित भरोसा मिलने के बाद ही उन्होंने यह फैसला लिया।

सरकार की तरफ से क्या आश्वासन मिला?
सरकार ने साफ किया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ मामले दर्ज नहीं किए जाएंगे। साथ ही परीक्षा सुधार पर संसद में विस्तृत चर्चा और पेपर लीक पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा देने का भी भरोसा दिलाया गया।
वांगचुक ने क्यों तोड़ा अनशन?
वांगचुक ने X पर लिखा कि उन्होंने लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए अनशन खत्म करने का फैसला लिया।
Jantar Mantar Protest अब भी जारी
वांगचुक के अनशन तोड़ने के बावजूद हजारों छात्र अब भी जंतर-मंतर और देश के अन्य शहरों में डटे हुए हैं। यह प्रदर्शन मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की अब तक की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है।

मानवाधिकार संगठनों की चिंता
ह्यूमन राइट्स वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे संगठनों ने पुलिस की सख्ती और जंतर-मंतर इलाके में मोबाइल इंटरनेट बंद किए जाने पर चिंता जताई है।
पूरी टाइमलाइन और Chalo Sansad protest की शुरुआत कैसे हुई, यह आप हमारे पहले वाले आर्टिकल में पढ़ सकते हैं। NEET पेपर लीक मामले में CBI की क्लीन चिट से जुड़ी पूरी खबर यहां क्लिक करके पढ़ें।
ताज़ा अपडेट के लिए Al Jazeera की यह रिपोर्ट और Business Standard की यह खबर भी देखें।
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