
Bihar Floods 2026 बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। भारी बारिश और नेपाल की तरफ से बढ़े जल स्तर के चलते गंगा, कोसी, गंडक और सोन नदियां उफान पर हैं। राज्य के 14 जिलों के 84 ब्लॉक और 514 ग्राम पंचायतों में 40 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जो इस सीजन की सबसे बड़ी आपदा प्रतिक्रिया बन चुकी है।
गंगा ने तोड़ा ऐतिहासिक रिकॉर्ड
पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी अपने अब तक के सर्वोच्च जलस्तर (हाईएस्ट फ्लड लेवल) को पार कर चुकी है। जल संसाधन विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 5 सितंबर को गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले रिकॉर्ड 50.52 मीटर (21 अगस्त 2016) से भी ऊपर था। खतरे के निशान 48.60 मीटर के मुकाबले यह करीब दो मीटर ज्यादा है। इसी तरह पटना के पंडारक में भी गंगा पुराने रिकॉर्ड को पार कर चुकी है। एक साथ तीन गेज स्टेशनों पर गंगा का ऐतिहासिक जलस्तर टूटना इस बाढ़ को दशकों की सबसे गंभीर घटनाओं में शामिल करता है।
प्रभावित जिले और नुकसान
पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया समेत 14 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। खेतों में खड़ी फसलें, सड़कें और घर बड़े पैमाने पर प्रभावित हुए हैं, हालांकि कुल नुकसान का आकलन अभी जारी है। सितंबर महीने में अब तक राज्य में सामान्य से करीब 55-69 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
राहत और बचाव कार्य में जुटी एजेंसियां
राज्य सरकार ने राहत कार्यों में तेजी लाते हुए बाढ़ प्रभावित इलाकों में 190 से ज्यादा सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) शुरू की हैं और बचाव के लिए 1,400 से ज्यादा नावें तैनात की गई हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 7 टीमें और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 27 टीमें अलग-अलग जिलों में तैनात हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने वैशाली और भागलपुर में राहत शिविरों का दौरा कर अधिकारियों को तटबंधों पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया।
बैराजों से पानी छोड़े जाने पर नजर
अधिकारी सोन बराज (इंद्रपुरी), कोसी बराज (बीरपुर) और गंडक बराज (वाल्मीकिनगर) से हो रहे पानी के डिस्चार्ज पर लगातार नजर रख रहे हैं। 9 सितंबर तक गांधी घाट, बक्सर और मुंगेर में जलस्तर में गिरावट का रुझान देखा गया, लेकिन सोन बराज में जलस्तर बढ़ने की प्रवृत्ति बनी हुई है। मौसम विभाग ने बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार में डाउनस्ट्रीम बाढ़ के खतरे को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
अभी क्या स्पष्ट नहीं है
फसलों, इंफ्रास्ट्रक्चर और आजीविका को हुए नुकसान का पूरा आकलन अभी प्रक्रिया में है और आधिकारिक आंकड़े आने में समय लग सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 10 सितंबर तक भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है, जिससे स्थिति और बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
निष्कर्ष
बिहार में गंगा और सहायक नदियों का ऐतिहासिक जलस्तर पार करना राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है, लेकिन बारिश जारी रहने और बैराजों से पानी छोड़े जाने की वजह से आने वाले दिनों में स्थिति पर करीबी नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
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