नई दिल्ली में आज (12 सितंबर 2026) 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आगाज हो गया है। भारत की मेज़बानी में हो रहे इस सम्मेलन में रूस, चीन, ईरान, मिस्र और दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए हैं। सबसे ज्यादा चर्चा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा को लेकर है, जो सात साल बाद पहली बार भारत आए हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत
अधिक जानकारी के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।
भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित इस दो-दिवसीय सम्मेलन (12-13 सितंबर) की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखी गई है। सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा भी हिस्सा ले रहे हैं।
शी जिनपिंग का 7 साल बाद भारत दौरा
समाचार एजेंसियों के मुताबिक, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का यह दौरा 2020 के गलवान संघर्ष के बाद पहली भारत यात्रा है। हाल के महीनों में एलएसी पर गश्त व्यवस्था को लेकर बनी सहमति, सीधी उड़ानों की बहाली और वीज़ा प्रक्रिया में ढील जैसे कदमों ने दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य करने की ज़मीन तैयार की है।
भारत मंडपम में मोदी-शी मुलाकात
रिपोर्ट्स के अनुसार पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक शाम करीब 5:45 बजे भारत मंडपम में प्रस्तावित है। इसे इस सम्मेलन की सबसे अहम कूटनीतिक घटना माना जा रहा है।
पीएम मोदी का व्यस्त कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कई विश्व नेताओं से मुलाकात करेंगे। इनमें इथियोपिया, मलेशिया, यूएई, वियतनाम और चीन के नेता शामिल हैं।
पांच प्रमुख द्विपक्षीय बैठकें
- इथियोपिया के राष्ट्रपति के साथ बैठक
- मलेशिया के प्रधानमंत्री के साथ बैठक
- यूएई के प्रतिनिधि के साथ बैठक
- वियतनाम के नेता के साथ बैठक
- चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक (सबसे अहम)
इसके अलावा दोपहर 2:30 बजे वैश्विक शासन पर सत्र, शाम 4:30 बजे India Innovates प्रदर्शनी का दौरा, पारिवारिक फोटो सेशन और वृक्षारोपण कार्यक्रम भी तय है। रात 7:30 बजे पीएम मोदी सभी नेताओं के सम्मान में राजकीय भोज की मेज़बानी करेंगे।
दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था
सम्मेलन के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस ने भारत मंडपम और प्रगति मैदान के आसपास सुबह 9:30 बजे से रात 9:30 बजे तक 35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और आम नागरिकों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की गई है।
भारत-चीन संबंधों में सुधार के प्रयास
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात दोनों देशों के बीच व्यापार, सीमा प्रबंधन और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर आगे की दिशा तय कर सकती है, हालांकि सीमा विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अभी भी सतर्क रुख अपनाया जा रहा है। पश्चिम एशिया संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
इससे जुड़ी अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर हमारी पिछली रिपोर्ट यहां पढ़ें: ईरान-अमेरिका तनाव से जुड़ी खबरें
निष्कर्ष
18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत की कूटनीतिक सक्रियता का बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। शी जिनपिंग और पुतिन जैसे नेताओं की मौजूदगी वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। आगे इन बैठकों के नतीजे भारत की विदेश नीति को किस दिशा में ले जाते हैं, यह देखना अहम होगा।
सरकारी और निजी क्षेत्र में नई भर्तियां
देश में विदेश मंत्रालय, सुरक्षा एजेंसियों और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े क्षेत्रों में समय-समय पर नई वैकेंसी निकलती रहती हैं। इच्छुक उम्मीदवार संबंधित विभागों की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें और अधिसूचना जारी होने पर ही आवेदन करें।
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