
CNG Price Hike 104 : दिल्ली-NCR में CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) के दाम एक बार फिर बढ़ गए हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने 29 अगस्त 2026 से CNG की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी है, जिसके बाद दिल्ली में CNG अब 86.98 रुपये प्रति किलो में मिल रही है, जो पहले 83.09 रुपये प्रति किलो थी। नोएडा और गाजियाबाद में यह दर 95.59 रुपये प्रति किलो और गुरुग्राम में 92.01 रुपये प्रति किलो हो गई है। यह इस साल यानी 2026 में CNG की पांचवीं बढ़ोतरी है।
CNG के दाम क्यों बढ़ रहे हैं? मुख्य कारण
1. वैश्विक LNG कीमतों में उछाल
IGL के अनुसार CNG के लिए इस्तेमाल होने वाली गैस का बड़ा हिस्सा आयातित तरल प्राकृतिक गैस (LNG) से आता है। कंपनी के बयान के मुताबिक जुलाई 2026 से अब तक वैश्विक LNG की कीमतें करीब दोगुनी हो चुकी हैं।
2. पश्चिम एशिया में संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर असर
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष के फिर से भड़कने से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होकर गुजरने वाले शिपिंग रूट प्रभावित हुए हैं। यह जलमार्ग दुनिया के लिए प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल के आयात का एक बेहद अहम रास्ता है, जिससे होकर भारत भी अपनी जरूरत की गैस मंगाता है। इस वजह से गैस आपूर्ति महंगी और अनिश्चित हो गई है, जिससे कंपनियों को महंगी स्पॉट LNG खरीदनी पड़ रही है।
3. यूरोप में सर्दियों से पहले भंडारण की मांग
IGL के मुताबिक आने वाले सर्दियों के मौसम को देखते हुए यूरोपीय देश भी अपने प्राकृतिक गैस के भंडार को तेजी से बढ़ा रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर गैस की मांग और कीमतें दोनों बढ़ गई हैं।
4. भारत में बढ़ती CNG मांग
कंपनी के अनुसार भारत में तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और बढ़ते उपभोक्ता आधार के चलते CNG की मांग भी लगातार बढ़ रही है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ज्यादा मात्रा में महंगी आयातित स्पॉट LNG खरीदनी पड़ रही है, जिससे इनपुट गैस की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है।
अब तक कितनी बढ़ोतरी हो चुकी है?
मई 2026 से अब तक IGL चार बार में सीएनजी के दाम कुल मिलाकर 6 रुपये प्रति किलो तक बढ़ा चुकी थी। अब पांचवीं बार 3.89 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के साथ, बीते कुछ महीनों में कुल वृद्धि करीब 10 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई है।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
दिल्ली-NCR में ज्यादातर टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और कमर्शियल वाहन CNG पर ही चलते हैं। ऐसे में इस बढ़ोतरी का सीधा असर टैक्सी और ऑटो के किराए पर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा निजी CNG वाहन मालिकों की भी दैनिक यात्रा लागत बढ़ जाएगी।
क्या राहत मिलने की उम्मीद है?
IGL ने अपने बयान में कहा है कि वैश्विक बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी ने अब तक भारतीय उपभोक्ताओं को इस असर से काफी हद तक बचाकर रखा था, लेकिन बढ़ती लागत के दबाव में अब यह मूल्य वृद्धि जरूरी हो गई। जब तक पश्चिम एशिया में स्थिति सामान्य नहीं होती और अंतरराष्ट्रीय LNG कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक CNG के दाम ऊंचे बने रहने की आशंका है।
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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