इंडियन आइडल 14′ में रजत शर्मा के इस बयान से साफ है कि वे दहेज प्रथा के खिलाफ हैं और इसे समाज में से हटाने के लिए लोगों को एजुकेट करने की आवश्यकता है। उन्होंने इस मुद्दे पर बने कानूनों की भी बात की, जिनसे यह साबित होता है कि समाज में इस प्रथा के खिलाफ कदम बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
‘इंडियन आइडल 14’ का यह एपिसोड एक अद्वितीय रूप से देशभर में प्रसारित हुआ, और दर्शकों को ‘आप की अदालत’ का लुफ्त उठाने का मौका दिया गया। इसमें शो के होस्ट जज कुमार सानू और श्रेया घोषाल ने भी मिलकर मस्ती की और कंटेस्टेंट्स के साथ हंसी-मजाक किया।
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इंडियन आइडल एक लोकप्रिय रियलिटी शो है जिसमें भारतीय गायकों को मौका मिलता है अपनी आवाज को दिखाने का। इस शो ने कई सालों से देशभर में बेहतरीन सिंगिंग तैलेंट को पहचाना है और एक नए सिंगिंग स्टार को उत्पन्न करने का कार्य किया है।
इस एपिसोड में कंटेस्टेंट्स के माता-पिता के साथ उनकी स्पेशल बॉन्ड को दिखाया गया, जिसने दर्शकों को भावनात्मक रूप से महसूस कराया। साथ ही, म्यूजिकल परफॉर्मेंस से कंटेस्टेंट्स ने शो को और भी रोचक बना दिया है।
इस एपिसोड का नाम ‘इंडियन आइडल वर्सेज रजत शर्मा’ होने के कारण साफ है कि रजत शर्मा को इसमें विशेष महत्व दिया गया। यह दिखाता है कि उनका बयान और सोच शो के नियंत्रकों के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
इंडियन आइडल के 14वें सीजन का विजेता अभी तक घोषित नहीं हुआ है, लेकिन शो ने देशभर में लोकप्रियता हासिल की है और सिंगिंग तैलेंट को मंच पर लाने का मुद्दा उठाया है।