आज का बाजार: शुरुआत गिरावट के साथ, फिर रिकवरी
Share Market Today 25 अगस्त 2026 को घरेलू शेयर बाजार में सुबह कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच गिरावट के साथ कारोबार शुरू हुआ। बीएसई सेंसेक्स करीब 74 अंक फिसलकर 77,295 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 50 भी 24,176 के आसपास रेड जोन में नजर आया। एशियाई बाजारों में टेक शेयरों की बिकवाली और ब्रेंट क्रूड के 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बने रहने से निवेशकों की धारणा कमजोर रही।
हालांकि दिन चढ़ने के साथ बाजार ने रफ्तार पकड़ी। हेल्थकेयर, फार्मा और पीएसयू बैंक शेयरों में खरीदारी लौटने से सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से रिकवर होकर करीब 287 अंकों की बढ़त के साथ 77,656 पर और निफ्टी 115 अंक चढ़कर 24,335 पर बंद हुआ। एडानी एंटरप्राइजेज, मैक्स हेल्थकेयर और अपोलो हॉस्पिटल्स टॉप गेनर्स की सूची में रहे।
FII-DII का रुख कैसा रहा
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले सत्र में करीब 1,182 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) भी करीब 2,493 करोड़ रुपये के साथ खरीदार बने रहे। पिछले कुछ हफ्तों से DII लगातार बाजार को सपोर्ट दे रहे हैं, जिससे FII की बिकवाली का असर सीमित हुआ है।
पिछले हफ्तों में बाजार का हाल
अगस्त महीने का दूसरा पखवाड़ा निवेशकों के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। ईरान-अमेरिका सीजफायर टूटने और ब्रेंट क्रूड में उछाल के चलते निफ्टी को करीब एक साल की सबसे लंबी, सात सत्रों तक चली गिरावट का सामना करना पड़ा था। हालांकि इसके बाद IT और फाइनेंशियल शेयरों की अगुवाई में बाजार ने मजबूत रिकवरी दिखाई। मेटल इंडेक्स में भी हलचल देखी गई, जहां हिंदुस्तान जिंक और वेलस्पान कॉर्प जैसे शेयरों में तेज उछाल आया।
आने वाले दिनों में क्या रहेगा असर
मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक फिलहाल निफ्टी के लिए 24,200-24,250 पर सपोर्ट और 24,500-24,550 पर रेजिस्टेंस माना जा रहा है, यानी बाजार का रुख फिलहाल साइडवेज टू माइल्ड पॉजिटिव बना हुआ है। सेंसेक्स के लिए 76,800-77,000 का जोन मजबूत सपोर्ट है, जबकि 78,000 का स्तर पार करना अगली तेजी के लिए जरूरी माना जा रहा है।
आगे बाजार की दिशा इन बातों पर निर्भर करेगी:
- क्रूड ऑयल की कीमतें और ईरान को लेकर भू-राजनीतिक स्थिति
- अमेरिकी फेड की ब्याज दरों को लेकर आगे की नीति और वैश्विक बॉन्ड यील्ड
- FII-DII की खरीद-बिक्री का रुख
- IT, बैंकिंग और फार्मा सेक्टर के तिमाही नतीजों का असर
विश्लेषकों की राय है कि जब तक बाजार निचले सपोर्ट स्तर से ऊपर बना रहता है, तब तक गिरावट पर खरीदारी (Buy on Dips) की रणनीति अपनाई जा सकती है। हालांकि RSI जैसे संकेतक अभी मजबूत तेजी की पुष्टि नहीं कर रहे, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहकर ही कदम बढ़ाने की सलाह दी जा रही है।
नोट: यह जानकारी सामान्य बाजार विश्लेषण पर आधारित है, यह निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर सलाह लें।
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