CM Gorakhpur Stay| डेढ़ किलोमीटर की दूरी, फिर भी नहीं हुई मुलाकात: एक ही शहर में ठहरने के बावजूद अलग रहे रास्ते, सियासी गलियारों में चर्चा तेज
CM Gorakhpur Stay| डेढ़ किलोमीटर की दूरी, फिर भी नहीं हुई मुलाकात: एक ही शहर में ठहरने से बढ़ी सियासी चर्चा
राजनीतिक हलकों में उस समय हलचल तेज हो गई जब दो बड़े पदों पर आसीन नेता एक ही शहर में मौजूद रहे, उनके ठिकानों के बीच दूरी महज़ डेढ़ किलोमीटर थी, लेकिन इसके बावजूद दोनों की मुलाकात नहीं हो सकी। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक और संगठनात्मक समीकरणों को लेकर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
अलग-अलग स्थानों पर रहा प्रवास| CM Gorakhpur Stay
सूत्रों के अनुसार, संघ प्रमुख का प्रवास माधवधाम में तय था, जबकि मुख्यमंत्री ने शहर में स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में रात्रि विश्राम किया।
दोनों कार्यक्रम पूर्व निर्धारित बताए जा रहे हैं, लेकिन निकट दूरी के बावजूद मुलाकात न होना चर्चा का विषय बन गया।
मुलाकात क्यों नहीं हुई?
आधिकारिक तौर पर इसे केवल व्यस्त कार्यक्रम और पूर्व निर्धारित शेड्यूल का परिणाम बताया जा रहा है।
बताया गया कि—
- दोनों के कार्यक्रमों का समय अलग-अलग तय था
- संगठनात्मक बैठकों और प्रशासनिक कार्यों की वजह से समय का समन्वय नहीं हो पाया
- किसी औपचारिक मुलाकात की योजना पहले से निर्धारित नहीं थी
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक इसे महज़ संयोग मानने को तैयार नहीं दिख रहे।
सियासी हलकों में अटकलों का दौर| CM Gorakhpur Stay
इस घटनाक्रम के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं:
- क्या यह सिर्फ कार्यक्रमों का टकराव था?
- या फिर मुलाकात को जानबूझकर टाला गया?
- क्या इसके पीछे कोई संगठनात्मक या रणनीतिक कारण है?
हालांकि, संबंधित पक्षों ने इन अटकलों को निराधार बताते हुए कहा है कि यह पूरी तरह प्रोटोकॉल आधारित दौरा था।

कार्यक्रम पहले से थे तय
सूत्रों का कहना है कि दोनों यात्राएं काफी पहले तय हो चुकी थीं।
संघ प्रमुख का दौरा वैचारिक और संगठनात्मक बैठकों पर केंद्रित था, जबकि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम प्रशासनिक समीक्षा और स्थानीय विकास कार्यों से जुड़ा बताया गया।
राजनीतिक संकेत या महज़ संयोग?
विशेषज्ञ मानते हैं कि भारतीय राजनीति में प्रतीकात्मक मुलाकातें भी बड़े संदेश देती हैं।
ऐसे में—
- मुलाकात होती तो उसे समन्वय का संकेत माना जाता
- न होने से राजनीतिक व्याख्याओं की गुंजाइश बढ़ गई
फिलहाल, आधिकारिक तौर पर इसे संयोग ही बताया जा रहा है, लेकिन चर्चा का दौर जारी है।
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