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Sunita Wiliams: 80 दिन बाद भी नहीं लौटे सुनिता विलियम्स और बैली विल्मोर जाने तक चलेगा ये मिशन ?

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Sunita Wiliams: 80 दिन बाद भी नहीं लौटे सुनिता विलियम्स और बैली विल्मोर जाने तक चलेगा ये मिशन ?

सुनिता विलियम्स: और बैरी विल्मोर 5 जून को बोइंग स्टारलाइनर के माध्यम से अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए थे। उनका मिशन 8 दिनों का था, लेकिन अब 80 दिन से अधिक समय बीत चुका है और उनकी वापसी अभी भी नहीं हो पाई है। दुनिया की सबसे शक्तिशाली स्पेस एजेंसी, नासा, के पास उनकी वापसी की तारीख की कोई जानकारी नहीं है।

Marketing-Blog-YouTube-Thumbnail-3-2-1024x576 Sunita Wiliams: 80 दिन बाद भी नहीं लौटे सुनिता विलियम्स और बैली विल्मोर जाने तक चलेगा ये मिशन ?
सुनिता विलियम्स

सुनिता विलियम्स

जून 2024 की शुरवात में ,जब अंतरिक्ष यात्री सुनिता विलियम्स और बैली विल्मोर को लेकर बोईंग स्टारलाइनर धरती से अंतरिक्ष के लिए रवाना हुआ था ,तब यह आठ दिनों का छोटा मिशन था हलाकि ,5 जून को लौंच के बाद 80 दिन बीत चुके है और दोनों अंतरिक्ष यात्री अभी तक वापस नहीं लौटे है यह टेस्ट फ्लाइट 6 जून को अंतरास्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर पहुंची थी ,और तब से सुनीता विलियम्स और विल्मोर आईएसएस में फसे है उनकी वापसी की तारीख अभी भी तय नहीं की गई है। बोइंग स्टारलाइनर में तकनीकी गड़बड़ी के कारण नासा अब अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के लिए वैकल्पिक उपायों पर विचार कर रहा है।

आखिर क्या है मिशन ?सुनिता विलियम्स

बोइंग स्टारलाइनर मिशन का प्रमुख उद्देश्य था कि यह अंतरिक्ष यान लोगों को अंतरराष्ट्रीयस्पेस स्टेशन (आईएसएस) तक सुरक्षित रूप से ले जाने और वहां से वापस लाने की अपनी क्षमता को प्रदर्शित करे। नासा के कमर्शियल क्रू कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, एयरोस्पेस कंपनी बोइंग इस यात्रा को नियमित परिवहन सेवाएं प्रदान करने के अपने लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण मानती है। हालांकि, टेस्ट फ्लाइट में आई समस्याओं ने कंपनी की उम्मीदों को एक बड़ा झटका दिया है, और इसने मिशन की सफलता को प्रभावित किया है।

क्यों नहीं लौट पा रही है सुनिता विलियम्स

स्टारलाइनर के अंतरिक्ष में पहुंचने तक, स्पेसशिप के सर्विस मॉड्यूल में कई छोटे हीलियम लीक की सूचना मिली, जिससे यह यात्रा के लिए असुरक्षित हो गया है। हीलियम अंतरिक्ष यान की संरचनात्मक अखंडता और गतिशीलता बनाए रखने के लिए आवश्यक होता है। इसके अतिरिक्त, अंतरिक्ष यान के प्रपल्शन सिस्टम में इसके पांच थ्रस्टरों में खराबी आ गई, जो अंतरिक्ष यात्रा और डॉकिंग के लिए आवश्यक हैं। स्पेसशिप में ऑक्सीडाइजर के प्रवाह को नियंत्रित करने वाले वाल्व में भी कई समस्याएं पाई गईं। इन तकनीकी समस्याओं ने मिशन की सफलता को प्रभावित किया और नासा को वैकल्पिक उपायों पर विचार करने पर मजबूर कर दिया है।

क्या कर रहा है नासा ?

नासा और बोइंग के इंजीनियर वर्तमान में अंतरिक्ष यान की समस्याओं को ठीक करने के लिए मेहनत कर रहे हैं। वे अंतरिक्ष यान के प्रणोदन प्रणाली से डेटा की जांच कर रहे हैं और थ्रस्टर्स का परीक्षण भी कर रहे हैं। इसके अलावा, नासा की टीम अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रूप से वापस लाने के लिए वैकल्पिक उपायों पर भी विचार कर रही है, जिसमें एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का क्रू 9 ड्रैगन शामिल है। क्रू 9 ड्रैगन को अक्टूबर में अंतरिक्ष में लॉन्च किया जाना है और इसकी वापसी फरवरी 2025 के आसपास होगी। यदि यह विकल्प अपनाया जाता है, तो सुनीता विलियम्स को आठ महीने तक अंतरिक्ष में रहना पड़ सकता है।

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