जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सुर्खियों में है। सोमवार सुबह से ही जंतर मंतर के आसपास पुलिस की भारी मौजूदगी देखी जा रही है, क्योंकि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आज संसद तक ‘संसद चलो’ मार्च निकालने का ऐलान किया है।

जंतर मंतर पर आज सुबह से हलचल क्यों?
दिल्ली पुलिस ने इस मार्च को ‘अनधिकृत जुलूस’ करार देते हुए जंतर मंतर के आसपास 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी, कई परतों में सुरक्षा जांच, आंसू गैस वाहन और बैरिकेड तैनात किए हैं। पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में राजधानी पहुंच रहे लोगों पर नजर रखने के लिए अंतर-राज्यीय टीमें भी सक्रिय हैं।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल की पृष्ठभूमि
लद्दाख के जाने-माने शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले तीन हफ्तों से भूख हड़ताल पर हैं। 18 जुलाई को उनकी भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें जंतर मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवा दिया था। उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो की ओर से दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें तुरंत डिस्चार्ज करने से इनकार कर दिया है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अभिजीत डिप्के की भूमिका
वांगचुक की गैरमौजूदगी में अब CJP संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत डिप्के, गीतांजलि आंग्मो के साथ मिलकर आज संसद तक मार्च का नेतृत्व करेंगे। डिप्के ने रविवार को एक वीडियो संदेश जारी कर समर्थकों से सोमवार सुबह 9 बजे जंतर मंतर पहुंचने की अपील की और स्पष्ट किया कि मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा।
पुलिस की सुरक्षा तैयारियां
सुरक्षा एजेंसियों ने जंतर मंतर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी है और भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई है ताकि प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर न बढ़ सकें।
गीतांजलि आंग्मो का बयान
गीतांजलि आंग्मो ने कहा है कि यदि सांसद शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा कराने का भरोसा देते हैं, तो सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर सकते हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन अभी शुरुआत भर है और आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।
प्रदर्शन की मुख्य मांगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मुद्दों पर संसद में गंभीर चर्चा कराना है। पिछले एक महीने से जंतर मंतर पर डेरा डाले प्रदर्शनकारियों में छात्र, पूर्व सैनिक और आम नागरिक शामिल हैं, जो लगातार बड़ी संख्या में जुट रहे हैं।
आगे क्या हो सकता है?
दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थिति लगातार बदल रही है, ऐसे में आगे की जानकारी के लिए बने रहें अपडेट टाइम्स के साथ।
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